Business Desk – India Sugar Shortage Story : भारत को कृषि प्रधान देश कहा जाता है और दूध, दालों तथा मसालों जैसे कई कृषि उत्पादों के उत्पादन में देश दुनिया में आगे है। लेकिन Sugar Production की बात करें तो भारत दूसरे नंबर पर है। दुनिया में सबसे ज्यादा चीनी का उत्पादन ब्राजील करता है। इसके बाद भारत का स्थान है।

फिलहाल भारत के साथ-साथ Global Market में भी चीनी की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। देश में इस महीने ही Sugar Prices में करीब 20% का उछाल आया है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है कि चीनी के दाम क्यों बढ़ रहे हैं और क्या आने वाले त्योहारों में आम लोगों पर इसका और असर पड़ सकता है?

ब्राजील सबसे बड़ा चीनी उत्पादक, भारत दूसरे नंबर पर

दुनिया में चीनी उत्पादन के मामले में Brazil पहले नंबर पर है। दुनिया में उत्पादित होने वाली कुल चीनी में ब्राजील की हिस्सेदारी करीब 23.5% है। इसके बाद भारत करीब 16.1% हिस्सेदारी के साथ दूसरे नंबर पर आता है। इसके बाद यूरोपीय संघ की संयुक्त हिस्सेदारी करीब 8.3%, चीन की 6.8%, थाईलैंड की 6.1%, अमेरिका की 4.5% और पाकिस्तान की करीब 3.8% है। यानी दुनिया के Sugar Production में भारत की हिस्सेदारी बड़ी है, लेकिन वैश्विक बाजार में कीमतों पर ब्राजील के उत्पादन और Export का भी काफी असर पड़ता है।

देश में चीनी की कीमतों में करीब 20% उछाल

भारत में इस महीने चीनी की कीमतों में करीब 20% की तेजी आई है। अलग-अलग राज्यों में Sugar Price भी अलग है। कर्नाटक में चीनी की कीमत करीब 49.96 रुपए प्रति किलो, महाराष्ट्र में 51.43 रुपए प्रति किलो और उत्तर प्रदेश में करीब 52.29 रुपए प्रति किलो बताई जा रही है। कीमतों में इस तेजी का असर आगे चलकर मिठाई और अन्य खाद्य उत्पादों की कीमतों पर भी पड़ सकता है, खासकर तब जब त्योहारों के दौरान चीनी की मांग बढ़ती है।

क्या इथेनॉल की वजह से बढ़ रही चीनी की कीमत?

चीनी की कीमत बढ़ने के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि कहीं Ethanol Production इसकी वजह तो नहीं है। हालांकि, सरकार और उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा तेजी का सीधा संबंध इथेनॉल से नहीं है।

यह सवाल इसलिए उठा क्योंकि कुछ वर्षों पहले तक देश में Sugar Production घरेलू खपत से ज्यादा रहता था। लेकिन वित्त वर्ष 2024-25 में देश में करीब 261 लाख मीट्रिक टन चीनी का उत्पादन हुआ, जबकि घरेलू खपत करीब 281 लाख मीट्रिक टन रही। इस आंकड़े से पता चलता है कि उस अवधि में उत्पादन के मुकाबले खपत ज्यादा रही थी।

देश में चीनी की कमी नहीं

चीनी की कीमतों में तेजी के बावजूद Sugar Industry का कहना है कि देश में चीनी की कोई बड़ी कमी नहीं है। उत्पादन में भी ऐसी गिरावट नहीं आई है, जिससे देश में Supply Crisis की स्थिति बने। ऐसे में मौजूदा तेजी को समझने के लिए केवल Production नहीं, बल्कि Demand, Supply, Stock और Global Market जैसे Factors को भी देखना होगा।

त्योहारों से बढ़ सकती है चीनी की मांग

चीनी की कीमतों को लेकर सबसे बड़ी चिंता आने वाले Festive Season को लेकर है। रक्षाबंधन के बाद जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, नवरात्रि, दशहरा और दिवाली जैसे बड़े त्योहार आने वाले हैं। इन त्योहारों के दौरान मिठाई, बेकरी और अन्य खाद्य उत्पादों की मांग बढ़ती है। इससे चीनी की खपत भी बढ़ती है। ऐसे में अगर Demand में अचानक बड़ा उछाल आया तो कीमतों पर और दबाव बन सकता है। यही वजह है कि बढ़ती Sugar Prices को लेकर आम लोगों के साथ-साथ मिठाई कारोबारियों की भी चिंता बढ़ रही है।

आगे क्या होगा?

फिलहाल देश में चीनी की कमी नहीं होने की बात कही जा रही है, लेकिन Demand-Supply Balance पर नजर रखना जरूरी होगा। एक तरफ त्योहारों के कारण घरेलू मांग बढ़ने की संभावना है, वहीं दूसरी तरफ Global Sugar Market में भी कीमतों में तेजी बनी हुई है।

अगर मांग तेजी से बढ़ती है और Supply उसी अनुपात में नहीं बढ़ी तो त्योहारों के दौरान चीनी के दाम और ऊपर जा सकते हैं। इसका सीधा असर मिठाई और अन्य चीनी आधारित उत्पादों की कीमतों पर पड़ सकता है।