हेमंत शर्मा, इंदौर। 103 करोड़ रुपये के बहुचर्चित नगर निगम ड्रेनेज घोटाला मामले में आरोपियों को बड़ा झटका लगा है। मनी लॉन्ड्रिंग की जांच से जुड़े मामले में ED की विशेष अदालत ने इंजीनियर अभय राठौर और ठेकेदार राहुल बडेरा की जमानत याचिका खारिज कर दी है। दोनों आरोपियों को फिलहाल अदालत से राहत नहीं मिली है।
फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों के खेल का आरोप
मामले में आरोप है कि नगर निगम के ड्रेनेज से जुड़े कामों में फर्जी बिल और दस्तावेज तैयार कर करीब 103 करोड़ रुपये का घोटाला किया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार इस कथित फर्जीवाड़े से सरकारी खजाने को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया। आरोप है कि कागजों पर काम और भुगतान से जुड़ी प्रक्रिया में अनियमितताएं की गईं और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी राशि का भुगतान कराया गया।
मनी लॉन्ड्रिंग की जांच में सामने आए वित्तीय लेन-देन
मामला सामने आने के बाद मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से भी जांच की गई। जांच के दौरान कई संदिग्ध वित्तीय लेन-देन सामने आने की बात कही गई है। एजेंसी इन लेन-देन और कथित घोटाले के बीच संबंधों की पड़ताल कर रही है।
दोनों आरोपियों ने जांच में सहयोग का दिया हवाला
जमानत के लिए दोनों आरोपियों की ओर से जांच में सहयोग करने और अन्य आधारों का हवाला दिया गया। हालांकि ED की विशेष अदालत ने दलीलों को स्वीकार नहीं किया और दोनों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।
अब आगे क्या?
जमानत याचिका खारिज होने के बाद मामले में आरोपियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब जांच एजेंसी कथित फर्जी बिलों, दस्तावेजों और सामने आए वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। 103 करोड़ के इस कथित घोटाले में आगे जांच जैसे-जैसे बढ़ेगी, मामले से जुड़े और नाम या वित्तीय लेन-देन सामने आने की संभावना बनी हुई है।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

