हेमंत शर्मा, इंदौर। स्वच्छता के लिए देशभर में पहचान बना चुके इंदौर में इंसानियत और जिम्मेदारी की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने नगर निगम की कार्यप्रणाली की भी अलग तस्वीर पेश की है। राजेंद्र नगर क्षेत्र की एक महिला से गलती से करीब दो किलो वजनी चांदी का लोटा कचरे के साथ नगर निगम की गाड़ी में चला गया। जैसे ही परिवार को अपनी भूल का एहसास हुआ, उन्होंने तत्काल नगर निगम से संपर्क किया। इसके बाद निगम की टीम ने पूरे सिस्टम को अलर्ट करते हुए लगातार 24 घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया और आखिरकार सैकड़ों टन कचरे के बीच से चांदी का लोटा सुरक्षित बरामद कर लिया।

एक छोटी सी भूल, परिवार की बढ़ गई चिंता

जानकारी के अनुसार, राजेंद्र नगर क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने घर का कचरा बाहर रखा था। उसी दौरान चांदी का लोटा भी एक थैले में रखा हुआ था। दोनों थैले लगभग एक जैसे दिखाई देने के कारण गलती से कीमती लोटा भी कचरे के साथ नगर निगम के वाहन में चला गया। कुछ समय बाद जब परिवार ने घर में लोटा तलाशा तो पता चला कि वह कचरे के साथ फेंक दिया गया है। इसके बाद परिवार ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नगर निगम अधिकारियों से मदद मांगी।

तुरंत शुरू हुआ खोज अभियान

शिकायत मिलते ही नगर निगम के अधिकारियों ने कचरा उठाने वाले वाहन का रूट ट्रेस किया। पता चला कि संबंधित वाहन से कचरा ट्रेंचिंग ग्राउंड तक पहुंच चुका है। इसके बाद अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम ने ट्रेंचिंग ग्राउंड में विशेष सर्च ऑपरेशन शुरू किया। कचरे के ढेर में किसी एक सामान को ढूंढ़ना आसान नहीं था, लेकिन टीम ने हार नहीं मानी और लगातार तलाश जारी रखी।

24 घंटे की मेहनत रंग लाई

करीब 24 घंटे तक चले अभियान के बाद नगर निगम की टीम को आखिरकार कचरे के बीच वह चांदी का लोटा मिल गया। सुरक्षित बरामदगी के बाद इसे परिवार को सौंप दिया गया। अपना कीमती सामान वापस मिलने पर परिवार ने राहत की सांस ली और नगर निगम की टीम का आभार व्यक्त किया।

टीम की मेहनत की हो रही सराहना

इस पूरे अभियान में नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने लगातार समन्वय बनाकर काम किया। कचरा संग्रहण वाहन के रूट की जानकारी जुटाने से लेकर ट्रेंचिंग ग्राउंड में घंटों तक तलाश करने तक पूरी टीम सक्रिय रही। शहर में इस कार्य की सराहना हो रही है कि नगर निगम ने केवल शिकायत दर्ज कर औपचारिकता पूरी नहीं की, बल्कि जिम्मेदारी निभाते हुए खोई हुई कीमती वस्तु परिवार तक पहुंचाई।

स्वच्छता के साथ संवेदनशीलता की भी मिसाल

यह घटना सिर्फ एक चांदी का लोटा मिलने की नहीं, बल्कि नगर निगम की संवेदनशील कार्यशैली की भी मिसाल बन गई। जहां एक ओर इंदौर अपनी स्वच्छता के लिए जाना जाता है, वहीं इस घटना ने यह भी दिखाया कि जरूरत पड़ने पर प्रशासन और नगर निगम की टीम आम नागरिकों की मदद के लिए पूरी ताकत से जुट सकती है।

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