चंकी बाजपेयी, इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में ‘ऑपरेशन मैट्रिक’ के दौरान पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने अंतर्राज्यीय साइबर ठग गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया गया है। गिरोह ने 16 राज्यों में 3 करोड की ठगी की वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी ने आम व्यक्तियों से सोशल मीडिया के जरिए संपर्क कर बैंक अकाउंट कमीशन के आधार पर लिया था। पकड़े गए आरोपी की पहचान ललित उर्फ ऋषि सुतार के रूप में हुई है। 

बड़ी संख्या में बैंकिंग दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद

एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के मुताबिक, आरोपी ने इंदौर ही नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग 16 राज्यों में साइबर ठगी की वारदात को अंजाम दिया था जिसकी 50 से ज्यादा शिकायतें मिली हैं। आरोपी के कब्जे से बड़ी संख्या में बैंकिंग दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। इनमें 21 बैंक पासबुक, 8 एटीएम कार्ड, 20 चेकबुक, 7 क्यूआर कोड और एक लैपटॉप शामिल है। 

कमीशन के बदले लेता था बैंक अकाउंट

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी लोगों से उनके बैंक अकाउंट कुछ प्रतिशत कमीशन के बदले लेता था। इसके बाद इन्हीं बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से मिली रकम को ट्रांसफर और हेरफेर करने के लिए किया जाता था। आरोपी अलग-अलग बैंक खातों का इस्तेमाल कर ठगी की रकम को इधर-उधर करता था। 

कई राज्यों में साइबर ठगी

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी ने महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान, अंडमान-निकोबार, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पंजाब और बिहार सहित कई राज्यों में साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दिया है। आरोपी ने अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से तीन करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है। क्राइम ब्रांच अब आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है। 

पुलिस जांच में हो सकते हैं कई खुलासे

पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने किन-किन लोगों के बैंक खाते इस्तेमाल किए और साइबर ठगी की रकम किन खातों में ट्रांसफर की गई। फिलहाल पुलिस आरोपी के बैंक खातों, डिजिटल डिवाइस और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। माना जा रहा है कि पूछताछ के दौरान साइबर ठगी के नेटवर्क को लेकर कुछ और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

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