हेमंत शर्मा, इंदौर। शहर में गिरते भू-जल स्तर और जल संरक्षण को लेकर इंदौर नगर निगम ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग अभियान तेज कर दिया है। अभियान के तहत नगर निगम की टीम ने शहर के विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, हॉस्टलों, अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान जिन भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं मिला या सिस्टम बंद पाया गया, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 17 बड़े भवनों पर कुल 6.75 लाख रुपये का चालान किया गया।
निरीक्षण में सामने आई बड़ी लापरवाही
नगर निगम की टीम ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में व्यापक जांच अभियान चलाया। इस दौरान कई बड़े प्रतिष्ठानों में या तो रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित नहीं मिला या फिर सिस्टम होने के बावजूद उसका उपयोग नहीं किया जा रहा था। इसे जल संरक्षण नियमों का उल्लंघन मानते हुए निगम ने आर्थिक दंड लगाया।
इन संस्थानों पर हुई कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान जिन प्रमुख संस्थानों पर चालानी कार्रवाई की गई, उनमें शामिल हैं…
- डी-मार्ट
- रुक्मणी मोटर्स
- कल्याण ज्वेलर्स
- ओशन हॉस्पिटल
- सानू क्रिएशन
- श्रीनाथजी पाइप
- दीपा ट्रेडर्स
- गोपाल गोयल इंडस्ट्री
- समेत कुल 17 बड़े भवन
इन सभी पर मिलाकर 6.75 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
निगम आयुक्त की सख्त चेतावनी
नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जिन संस्थानों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बंद पाया जाएगा या उसे चालू नहीं किया जाएगा, उनसे प्रतिदिन के हिसाब से पेनल्टी वसूली जाएगी। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के नियमों का पालन करना सभी संस्थानों के लिए अनिवार्य है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भू-जल बचाने के लिए निगम का अभियान
नगर निगम का कहना है कि शहर में लगातार गिर रहे भू-जल स्तर को सुधारने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। इसी उद्देश्य से व्यावसायिक भवनों, अस्पतालों, हॉस्टलों और बड़े संस्थानों में नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज किया जाएगा तथा नियमों का पालन नहीं करने वाले भवनों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m


