हेमंत शर्मा, इंदौर। मध्यप्रदेश की राजनीति में सीहोर के आदिवासियों के आंदोलन और शिवराज सिंह चौहान के धरने को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने इस मुद्दे पर एमपी सरकार और केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीहोर में आदिवासी भाई-बहनों के साथ अन्याय हो रहा है और हालात ऐसे बन गए हैं कि शिवराज सिंह चौहान को भी अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठना पड़ा। उन्होंने सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने की नौबत आ जाए, तो स्थिति की गंभीरता समझी जा सकती है।
सीहोर में आदिवासियों के आंदोलन पर सरकार को घेरा
सज्जन सिंह वर्मा ने सीहोर में आदिवासियों के आंदोलन का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार आदिवासी समाज के साथ अन्याय कर रही है। उन्होंने कहा कि आदिवासी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि जब आदिवासी समुदाय अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरने को मजबूर है, तो सरकार उनकी बात सुनने के लिए क्या कदम उठा रही है? उन्होंने शिवराज सिंह चौहान के धरने को भी इसी घटनाक्रम से जोड़ते हुए सरकार पर निशाना साधा।
‘शिवराज को अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठना पड़ा’
सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान का धरने पर बैठना अपने आप में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में ऐसी स्थिति बन गई है कि वरिष्ठ नेताओं को भी अपनी ही सरकार के सामने अपनी बात रखने के लिए धरने का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। कांग्रेस नेता के इस बयान के बाद मध्यप्रदेश की राजनीति में यह सवाल फिर उठ रहा है कि सीहोर में आदिवासियों की मांगों पर सरकार की ओर से क्या कार्रवाई की जा रही है और आंदोलन का समाधान कब निकलेगा।
केंद्र सरकार पर हमला- ‘यह अघोषित आपातकाल है’
सज्जन सिंह वर्मा ने केंद्र सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने मौजूदा हालात को केंद्र सरकार का ‘अघोषित आपातकाल’ बताते हुए लोकतंत्र और संविधान को लेकर चिंता जताई। उन्होंने बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं के बीच नाराजगी होने का दावा भी किया। हालांकि, इस दावे को लेकर उन्होंने जिन नेताओं या घटनाओं का हवाला दिया, उनकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
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राहुल गांधी के नेतृत्व में लोकतंत्र बचाने की मुहिम का आह्वान
कांग्रेस नेता ने राहुल गांधी के नेतृत्व में लोकतंत्र बचाने की मुहिम में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए लोगों को आगे आना चाहिए। सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि ‘लोकतंत्र बचेगा, संविधान बचेगा, हमारा देश बचेगा।’ उनके इस बयान के जरिए कांग्रेस ने लोकतंत्र और संवैधानिक व्यवस्था के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश की है।
‘इंडिया फॉर सेल’ का बोर्ड लगाने का आरोप
केंद्र सरकार पर हमला जारी रखते हुए सज्जन सिंह वर्मा ने आरोप लगाया कि देश को बेचने जैसी नीतियां अपनाई जा रही हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि सरकार ने मानो ‘इंडिया फॉर सेल’ का बोर्ड लगा दिया है। यह बयान केंद्र सरकार की नीतियों पर कांग्रेस के राजनीतिक विरोध को दर्शाता है। वहीं इन आरोपों पर बीजेपी और सरकार का पक्ष सामने आने पर पूरे विवाद की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
सीहोर का आंदोलन बना सियासी बहस का मुद्दा
सीहोर में आदिवासियों के आंदोलन और शिवराज सिंह चौहान के धरने को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज है। सज्जन सिंह वर्मा ने इस घटनाक्रम के बहाने प्रदेश और केंद्र सरकार दोनों पर सवाल उठाए हैं। अब बड़ा सवाल यह है कि सीहोर में आदिवासियों की मांगों पर सरकार क्या कदम उठाती है और आंदोलन का समाधान कैसे निकलता है। फिलहाल सज्जन सिंह वर्मा के बयान ने इस मुद्दे को प्रदेश की राजनीति के केंद्र में ला दिया है।
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