चंकी बाजपेयी, इंदौर। इंदौर में 2020 के बहुचर्चित गोली हत्याकांड मामले में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही पांच लोगों को दोष मुक्त करार दिया गया है। इस मामले में कुल 28 गवाह हुए, जिसमें मृतक की पत्नी और बेटी की गवाही अहम रही।

हाईकोर्ट एडवोकेट अपूर्व जैन के मुताबिक, जिला व सत्र न्यायाधीश के न्यायालय से ऐतिहासिक फैसला सुनाया गया है। तेजाजी नगर क्षेत्र उमरीखेड़ा स्थित ढाबे पर लूट-डकैती हुई थी। जिसमें तत्कालीन शिवसेना के अध्यक्ष रमेश साहू की गोली मारकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया था। इस घटना के दौरान रमेश साहू की धर्मपत्नी और बेटी भी मौजूद थी, जिन्होंने पूरी वारदात को अपनी आंखों से देखा था।

ये भी पढ़ें: एयर होस्टेस से बनीं IPS अफसर, अब गंभीर आरोपों के घेरे में: ट्रांसपोर्टर से कथित 30 हजार वसूली, चालक सस्पेंड; 3 थानों का प्रभार भी छीना

इस मामले में पुलिस ने गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज करते हुए जांच पड़ताल के बाद न्यायालय में पूरा प्रकरण पेश किया। करीब 6 वर्षों में कुल 28 गवाह न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर अपनी गवाही दी। इसमें पुलिस, डॉक्टर और अभियुक्त से जुड़े हुए तमाम पक्षकार भी उपस्थित हुए। मामले में न्यायालय ने प्रकरण को सुनने के बाद प्रेम सिंह विजय, सुनील चौहान को दोष करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है।

ये भी पढ़ें: मस्टरकर्मियों की तनख्वाह में सेंध! निगम के वेतन भुगतान में बड़ा खेल, 2 पर FIR; आउटसोर्स कर्मचारी की सेवा समाप्त

साथ ही मामले में पांच लोगों को दोष मुक्त करार दिया गया है, जिसमें राहुल उर्फ पप्पू, कमल, कालू सिंह, अंतिम, रेन सिंह शामिल है। इस पूरे प्रकरण में मृतक की पत्नी और उनकी बेटी की गवाही अहम रही, क्योंकि जब वारदात को अंजाम दिया जा रहा था, तब यह दोनों वहां मौजूद थी।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m