US-ईरान के बीच वर्तमान समय में युद्ध तो नहीं हो रहा है, पर तनाव अभी भी जारी है. ईरान ने अमेरिका को सीधी चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी सैनिक जमीन पर उतरे तो गर्दनें काट दी जाएंगी. ईरान की पैदल सेना के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल अली जहानशाही ने रविवार को अमेरिका को कड़े शब्दों में चेतावनी है कि अमेरिकी सैन्य कर्मी ईरान में पैर रखता है, तो हम उसे काट देंगे.

यह बयान ऐसे वक्त आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद इस टकराव से निकलने का रास्ता तलाशते नजर आ रहे हैं. ईरान की रखी शर्तें ने डील को और उलझा दिया है.

ईरानी सेना के बिग्रेडियर जनरल अली जहांशाही ने रविवार को सख्त तेवर अपनाते हुए कहा कि अगर कोई भी अमेरिकी सेना का जवान ईरान में कदम रखता है, तो हम उसे काट कर रख देंगे. यदि किसी अमेरिकी सैनिक ने देश में कदम रखा, तो वह अपने पैरों पर वापस नहीं लौट पाएगा.

संभावित घुसपैठ के खिलाफ चेतावनी देते हुए पैदल सेना के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल ने रविवार को अमेरिका को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि ईरान किसी भी दुश्मन की कार्रवाई का दृढ़ और प्रभावी जवाब देने के लिए तैयार है.

कमांडर ने कहा कि देश की सीमाओं पर सेना पूरी तरह युद्ध के लिए तैयार है. हालांकि, ईरान की ओर से सैन्य चेतावनी के बीच अमेरिका के साथ कूटनीतिक संपर्क भी जारी है, लेकिन दोनों देशों के बीच बातचीत सीधे तौर पर नहीं हो रही है. दोनों देशों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान मध्यस्थों के जरिए हो रहा है.

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा, ‘हम फिलहाल अमेरिका से सीधे बातचीत नहीं कर रहे हैं. संदेशों का आदान-प्रदान बिचौलियों के जरिए हो रहा है.’ अराघची ने मीडिया को यह भी बताया कि होर्मुज स्ट्रेट के जरिए एक लीगल सिस्टम और बदले हुए ट्रैफिक रूट पर ओमान के साथ बातचीत लगभग पूरी हो चुकी है, हालांकि इस स्ट्रेटेजिक वॉटरवे को फिर से खोलना अभी भी अमेरिका के मुआवजे पर निर्भर है. 

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