ट्रेनों और स्टेशनों पर मिलने वाले खान-पान की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर रेलवे बोर्ड ने बेहद सख्त रुख अपना लिया है। रेलवे बोर्ड के नए और कड़े निर्देशों के तहत अब आईआरसीटीसी (IRCTC) के सभी बेस किचन, कैंटीन, जन आहार केंद्रों और ट्रेनों की पेंट्री कारों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इस हाई-टेक निगरानी व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को पूरी तरह से स्वच्छ, पौष्टिक और उच्च गुणवत्ता वाला भोजन उपलब्ध कराना है।
24 घंटे लाइव मॉनिटरिंग और एआई तकनीक का इस्तेमाल
पूर्व मध्य रेल के पटना जंक्शन, दानापुर, पाटलिपुत्र, राजेंद्रनगर टर्मिनल और संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों की पेंट्री कारों को इस योजना के दायरे में लाया गया है। इन सभी जगहों की 24 घंटे लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी।
- भोजन की तैयारी पर नजर: खाना बनाने की प्रक्रिया, कच्चे माल के भंडारण और हाइजीन के मानकों पर सीधी नजर रखी जाएगी।
- एआई (AI) आधारित अलर्ट: रसोईघर के अंदर यदि चूहे, कॉकरोच या अन्य कीड़े-मकोड़े दिखाई देते हैं, तो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम तुरंत चेतावनी जारी कर देगा।
- रोटी और पराठों की विशेष जांच: रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार ने हाल ही में आईआरसीटीसी वॉर रूम की समीक्षा बैठक के दौरान रोटी और पराठा बनाने की प्रक्रिया की गहन समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं, ताकि इनकी गुणवत्ता में एकरूपता बनी रहे।
लापरवाह एजेंसियों और कैटरर्स पर होगी कड़ी कार्रवाई
रेलवे बोर्ड ने साफ कर दिया है कि यदि निरीक्षण के दौरान रसोईघरों या पेंट्री कार की स्थिति खराब पाई जाती है, तो बिना किसी देरी के तुरंत नोटिस जारी कर सुधारात्मक और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही:
- थर्ड -पार्टी एजेंसियों पर सख्ती: खराब प्रदर्शन करने वाली थर्ड-पार्टी इंस्पेक्शन एजेंसियों को सीधे ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
- डिजिटल रिकॉर्ड: सभी निरीक्षण एजेंसियों को कमियों और उन पर की गई कार्रवाइयों का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा।
रेल मदद पोर्टल हुआ और अधिक प्रभावी
यात्रियों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए ‘रेल मदद पोर्टल’ को ऑटोमेटेड और अधिक प्रभावी बना दिया गया है। अब ट्रेन यात्रा के दौरान यदि किसी यात्री को खराब भोजन या गंदगी की शिकायत है, तो वे खाने की फोटो के साथ इस पोर्टल पर तुरंत अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इन शिकायतों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी और यात्रियों से सीधे फीडबैक लेकर समस्याओं का तेजी से समाधान किया जाएगा। रेलवे के इस ऐतिहासिक और कड़े कदम से आने वाले दिनों में रेलवे कैटरिंग व्यवस्था में क्रांतिकारी सुधार देखने को मिलेगा।


