कुमार इंदर, जबलपुर। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत में 6 घंटे तक सुनवाई चली। इस दौरान सीबीआई और गिरिबाला सिंह के वकील ने अपना-अपना पक्ष रखा। इसके बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

जबलपुर हाईकोर्ट में सोमवार को बहुचर्चिच ट्विशा शर्मा केस पर सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई सुबह 10 बजे से शाम साढ़े 4 बजे तक चली। सीबीआई के जवाब के बाद गिरिबाला सिंह के वकील ने अपना पक्ष रखा और कहा कि इस मामले में गिरीबाला सिंह का कोई रोल नहीं है। गिरिबाला के वकील ने कहा कि उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। घटना स्थल पर सीसीटीवी मौजूद है।

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गिरिबाला सिंह के वकील ने कहा कि सीसीटीवी पासवर्ड का एक्सेस सबके पास था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट बदलवाने के आरोप में कोई सच्चाई नहीं है। चीजों को मैनुप्लेट करने की बात भी निराधार है। अगर गिरिबाला सिंह को भागना होता तो पहले ही भाग जाते। गिरीबाला सिंह को जमानत मिलनी चाहिए। वहीं सीबीआई ने भी अपना पक्ष रखा। 6 घंटे की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा।

गौरतलब है कि 12 मई 2026 को नोएडा की रहने वाली ट्विशा का शव भोपाल में उसके ससुराल में मिला था। ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा और परिजनों ने पति समर्थ सिंह और उनकी मां (पूर्व जिला जज) गिरिबाला सिंह पर गंभीर आरोप लगाए थे। दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने के साथ ही हत्या का भी आरोप लगाया था। पुलिस ने इस मामले में दहेज प्रताड़ना की धाराओं में पति समर्थ और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की थी। वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी।

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