कुमार इंदर, जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने त्वरित न्याय की मिसाल पेश करते हुए परीक्षा शुरू होने के महज डेढ़ घंटे पहले सुनवाई की और MSW (मास्टर ऑफ सोशल वर्क) के छात्रों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दे दी। जस्टिस विशाल मिश्रा की सिंगल बेंच ने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (RDU) को नोटिस जारी कर 4 सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है।
अंतरिम राहत दिया
दरअसल मध्यप्रदेश हाईकोर्ट सिंगल बेंच, जस्टिस विशाल मिश्रा ने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर के प्रभावित छात्र शिवांकी तिवारी, राहुल दुबे, रीतेश पांडे और तौसीफ (MSW विभाग) को परीक्षा शुरू होने (दोपहर 12:00 बजे) से पहले सुबह 10:30 बजे कोर्ट से अंतरिम राहत/आदेश दिया। उन्हें ‘मुख्यमंत्री जनकल्याण (शिक्षा प्रोत्साहन योजना)’ के तहत प्रवेश दिया।
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छात्रों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया
MSW विभाग के छात्र शिवांकी तिवारी, राहुल दुबे, रीतेश पांडे और तौसीफ को सरकार की ‘मुख्यमंत्री जनकल्याण (शिक्षा प्रोत्साहन योजना)’ के तहत विश्वविद्यालय में प्रवेश दिया गया था। किसी प्रशासनिक या शुल्क/पात्रता संबंधी उलझन के चलते छात्रों को परीक्षा से रोके जाने की स्थिति बन रही थी, जिससे उनका भविष्य संकट में था। ऐन वक्त पर छात्रों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
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कोर्ट की त्वरित कार्रवाई
तय समय: शुक्रवार को दोपहर 12:00 बजे से MSW की परीक्षा निर्धारित थी।सुनवाई का समय: सुबह 10:30 बजे (urgent) आधार पर सुनवाई हुई। फैसला: कोर्ट ने छात्रों को तत्काल परीक्षा में शामिल करने के निर्देश दिए, जिससे चारों विद्यार्थियों का साल बर्बाद होने से बच गया। साथ ही, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय प्रशासन को चार सप्ताह में पक्ष रखने को कहा गया है।

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