लुधियाना। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य के जल संसाधनों को लेकर शुक्रवार को स्पष्ट रुख जाहिर किया। लुधियाना स्थित पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) में दो दिवसीय किसान मेले का उद्घाटन करते हुए मान ने कहा कि पंजाब के पास किसी अन्य राज्य के साथ साझा करने के लिए अतिरिक्त पानी नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य के पानी की एक बूंद भी दूसरे राज्य को देने का सवाल नहीं उठता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के सीमित प्राकृतिक संसाधनों के बावजूद यहां के किसानों ने देश को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाई है। ऐसे में राज्य के बहुमूल्य जल संसाधनों के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।
किसानों के हितों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता
भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार किसानों के हितों की रक्षा करने और कृषि को आधुनिक एवं लाभकारी पेशा बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कृषि क्षेत्र में पानी के संरक्षण, आधुनिक तकनीक और फसल विविधीकरण की जरूरत पर भी जोर दिया।
PAU के किसान मेले में उन्होंने किसानों के साथ अपने पुराने जुड़ाव का भी जिक्र किया। मान ने कहा कि वह कलाकार के रूप में भी इस मेले का हिस्सा बनते रहे हैं। इस बार मुख्यमंत्री के तौर पर उन्होंने किसान मेले का उद्घाटन किया।
‘पंजाब के पास अतिरिक्त पानी नहीं’
जल बंटवारे के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के पास किसी अन्य राज्य के साथ साझा करने के लिए अतिरिक्त पानी नहीं है। उन्होंने दोहराया कि राज्य अपने जल संसाधनों से कोई समझौता नहीं करेगा।
मान ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में निजी हितों के कारण पंजाब के हितों को नुकसान पहुंचा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार ऐसा कोई समझौता दोबारा नहीं होने देगी।
किसानों ने देश को बनाया खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के किसानों ने अपने प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करते हुए देश की खाद्य सुरक्षा में बड़ा योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद पंजाब ने लंबे समय तक देश की खाद्यान्न जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि अब जरूरत ऐसी कृषि व्यवस्था विकसित करने की है, जिसमें किसानों की आय बढ़े और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी हो।
SYL नहर विवाद से जुड़ा है पानी का मुद्दा
पंजाब और हरियाणा के बीच सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर का मुद्दा लंबे समय से विवाद का विषय रहा है। पंजाब लगातार यह रुख रखता आया है कि उसके पास दूसरे राज्यों के साथ बांटने के लिए अतिरिक्त पानी नहीं है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान का ताजा बयान भी पंजाब के इसी रुख को दोहराता है। किसान मेले में उन्होंने राज्य के जल संसाधनों को पंजाब के किसानों और कृषि व्यवस्था से सीधे जोड़ते हुए पानी के संरक्षण और इस्तेमाल को प्राथमिकता देने की बात कही।
कैनाल सिंचाई बढ़ाने का भी दावा
किसान मेले में मुख्यमंत्री ने राज्य में नहरों के जरिए सिंचाई व्यवस्था के विस्तार का भी उल्लेख किया। द ट्रिब्यून के अनुसार, मान ने दावा किया कि नहर के पानी के सिंचाई में इस्तेमाल का स्तर मार्च 2022 के 22 प्रतिशत से बढ़कर 88 प्रतिशत तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि करीब 14,000 किलोमीटर भूमिगत पाइपलाइन बिछाई जा चुकी हैं और नेटवर्क को आगे बढ़ाने की योजना है।
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