Jagan Gurjar murder case: अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में मारे गए पूर्व दस्यु जगन गुर्जर की याद में रविवार को श्रद्धांजलि सभा हुई। राजस्थान के विभूतिपुरा गांव में आयोजित बारहवीं और पगड़ी रस्म में भारी भीड़ उमड़ी। पड़ोसी राज्यों से भी हजारों लोग जगन के पैतृक गांव पहुंचे।

बाबू महाराज मंदिर परिसर में करीब 20,000 लोग एकत्रित हुए। इस दौरान वहां एक विशाल भंडारे के साथ महापंचायत का आयोजन किया गया। पुलिस और प्रशासन ने शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे।
क्या है मामला
बीते 29 जून को अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई थी। जेल में बंद साथी कैदी विष्णु जाट ने गला घोंटकर उसकी जान ली। इस घटना के बाद से पूरे गुर्जर समाज में गहरा आक्रोश है। वर्तमान में प्रशासन ने जगन के दो भाइयों को पैरोल दी है।
श्रद्धांजलि सभा में समाज के नेताओं ने सरकार के ढीले रवैये पर सवाल उठाए। समाज ने हत्या के बाद प्रशासन से 5 प्रमुख मांगों पर सहमति जताई थी। इनमें सीबीआई जांच और जेल प्रशासन पर कार्रवाई प्रमुख हैं। नेताओं का आरोप है कि 12 दिन बाद भी कोई मांग पूरी नहीं हुई है।
बातचीत क्यों रही बेअसर?
तनाव देखते हुए स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से बातचीत करने की कोशिश की। लेकिन, परिजनों ने साफ इंकार कर दिया। उन्होंने धौलपुर कलेक्टर और एसपी को मौके पर बुलाने की मांग की। वार्ता विफल रही और प्रशासन के साथ कोई समझौता नहीं हो सका। अब समाज का कहना है कि यदि सरकार ने जल्द लिखित जवाब नहीं दिया, तो उग्र आंदोलन शुरू होगा।
समाज की 5 प्रमुख मांगें
- पूरे हत्याकांड की निष्पक्ष सीबीआई जांच कराई जाए।
- अजमेर जेल प्रशासन के लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो।
- जगन के भाई पप्पू गुर्जर को सुरक्षा कारणों से दूसरी जेल में भेजा जाए।
- बाड़ी कोतवाली थाना अधिकारी के खिलाफ उचित एक्शन लिया जाए।
- जगन के बेटे आशाराम और परिवार को पूरी सुरक्षा मिले।
पढ़ें ये खबरें
- गुमला में पुलिस का बड़ा ऑपरेशन : 5 लाख के इनामी JJMP कमांडर समेत 4 गिरफ्तार, AK-56 और SLR बरामद
- भाजपा में ‘मठाधीशों’ का कब्जा! कार्यकर्ताओं ने पूछा- क्या हम सिर्फ दरी बिछाने के लिए?
- पानीपत सिविल अस्पताल में महिला मरीज से यौन उत्पीड़न का आरोप, CT स्कैन टेक्नीशियन पर केस दर्ज
- तारापीठ के होटल में आग से मरने वालों की संख्या बढ़कर हुई 9, हादसे के बाद से फरार मालिक हुआ गिरफ्तार
- 12 करोड़ के ऑनलाइन गेमिंग स्कैम में HC की फटकार! रसूखदारों को बचाने पर भड़की अदालत, DGP को जांच के निर्देश


