चंडीगढ़. पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे जगतार सिंह हवारा कि पैरोल अब पंजाब में चर्चा का विषय बन गई है. हवारा को अपनी बीमार मां से मिलने और उनकी देखभाल के लिए 10 दिन की पैरोल देने की मांग की गई है.इस संबंध में सबसे पहले मुख्यमंत्री ने राज्यपाल से मुलाकात कर पैरोल दिए जाने के पक्ष में बात रखी और अब इसके बाद पैरोल को लेकर भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने भी प्रतिक्रिया दी है.

इस पूरे मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू, जो स्वर्गीय बेअंत सिंह के पोते हैं, ने भी मानवीय आधार पर हवारा की पैरोल का समर्थन किया है. बिट्टू ने पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया द्वारा इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी गई सकारात्मक रिपोर्ट का स्वागत किया है. इसी तरह कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा और परगट सिंह दोनों ने भी जगतार सिंह हवारा को पैरोल की सिफारिश किए जाने का स्वागत किया है. परगट सिंह ने कहा है कि यह मुख्यमंत्री का अच्छा कदम है क्योंकि जगतार सिंह हवारा की मां की तबीयत ठीक नहीं है और मानवीय आधार पर उन्हें पैरोल दी जानी चाहिए.

कौन है जगतार सिंह हवारा?

जगतार सिंह हवारा पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले का रहने वाला है. उसका नाम 1995 में तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में सामने आया था. 31 अगस्त 1995 को चंडीगढ़ में पंजाब सिविल सचिवालय के बाहर हुए बम विस्फोट में बेअंत सिंह समेत 17 लोगों की मौत हुई थी, इस मामले में हवारा को दोषी ठहराया गया और वह उम्रकैद की सजा काट रहा है.

हवारा का नाम प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से भी जोड़ा गया है. जेल में होने के बावजूद हवारा का नाम पंजाब की पंथिक राजनीति में समय-समय पर चर्चा में आता रहा है. अब बीमार मां की देखभाल के लिए 10 दिन की पैरोल की मांग और राज्यपाल की ओर से भेजी गई सकारात्मक रिपोर्ट के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में है.