Jaipur School News: रामपुरा कंवरपुरा गांव के उस सरकारी स्कूल को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है, जहां कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आशुतोष रांका और अन्य कार्यकर्ताओं के पहुंचने पर विवाद और पथराव हुआ था। अब स्कूल को पास के ही एक दूसरे घर में शिफ्ट कर दिया गया है। नया भवन बनने तक बच्चों की पढ़ाई इसी मकान में होगी। इससे पहले स्कूल एक ऐसे स्थान पर संचालित हो रहा था, जिसका इस्तेमाल गाय-भैंस बांधने और चारा रखने के लिए किया जा रहा था।

तबेले में चल रहा था सरकारी स्कूल

रामपुरा कंवरपुरा गांव का सरकारी स्कूल लंबे समय से जर्जर भवन की समस्या से जूझ रहा था। पुरानी स्कूल बिल्डिंग की हालत खराब होने के बाद उसे सील कर दिया गया था। इसके बाद बच्चों की पढ़ाई के लिए गांव में उपलब्ध एक निजी जगह का इस्तेमाल किया जा रहा था।

जिस जगह पर स्कूल चल रहा था, वहां पशु भी बांधे जाते थे और चारा रखा हुआ था। इसी को लेकर सीजेपी और कांग्रेस ने सरकार और शिक्षा विभाग की व्यवस्था पर सवाल उठाए थे।

अब प्रशासन ने स्कूल को पास के ही दूसरे मकान में शिफ्ट कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, जब तक स्कूल के लिए नया भवन तैयार नहीं हो जाता, तब तक इसी वैकल्पिक भवन में बच्चों की पढ़ाई जारी रहेगी।

CJP नेताओं के पहुंचने पर हुआ था विवाद

शुक्रवार को CJP के आशुतोष रांका और अन्य कार्यकर्ता स्कूल का जायजा लेने रामपुरा कंवरपुरा गांव पहुंचे थे। सीजेपी की ओर से स्कूल ठीक करो अभियान के तहत यह दौरा किया गया था।

स्कूल की स्थिति देखने पहुंचे सीजेपी नेताओं को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान विवाद बढ़ गया और पथराव की घटना भी सामने आई। सीजेपी की ओर से आरोप लगाया गया कि हमले में बीजेपी से जुड़े लोग शामिल थे।

आशुतोष रांका ने इस मामले को लेकर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर भी निशाना साधा था। उन्होंने सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए स्कूल की स्थिति सुधारने और सीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

कांग्रेस ने भी सरकार को घेरा

स्कूल की बदहाल स्थिति को लेकर कांग्रेस ने भी सरकार पर सवाल उठाए। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली समेत कांग्रेस के अन्य नेताओं ने स्कूलों की स्थिति का मुद्दा उठाते हुए सरकार से व्यवस्था सुधारने की मांग की।

वहीं, स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश और फोटो-वीडियो बनाने पर रोक को लेकर भी सवाल उठे। रविंद्र भाटी ने कहा था कि उनके विधानसभा क्षेत्र में भी ऐसा स्कूल है, जहां पक्का भवन नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि अगर कोई स्कूल खेजड़ी के नीचे चल रहा है तो वहां बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक कैसे लागू होगी।

अब नए भवन का इंतजार

रामपुरा कंवरपुरा स्कूल को दूसरे मकान में शिफ्ट करने से बच्चों को फिलहाल पढ़ाई के लिए एक वैकल्पिक जगह मिल गई है। हालांकि, स्थायी समाधान नए स्कूल भवन के निर्माण के बाद ही होगा।

इस पूरे मामले ने राजस्थान के सरकारी स्कूलों में जर्जर भवनों और वैकल्पिक व्यवस्था की स्थिति पर बहस तेज कर दी है। रामपुरा कंवरपुरा का मामला राजनीतिक विवाद के बाद सामने आया, लेकिन अब प्रशासन ने कम से कम अस्थायी तौर पर स्कूल के लिए दूसरी जगह उपलब्ध करा दी है।

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