संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की वार्षिक उच्चस्तरीय बैठक में शामिल होने के लिए फिलिस्तीन के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल को ट्रम्प प्रशासन ने वीजा देने से इनकार कर दिया है. इस उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास को भी एंट्री वीजा देने से अमेरिका ने इनकार कर दिया है. यह लगातार दूसरा साल है, जब अमेरिका ने अब्बास को वीजा देने से इनकार किया है. अमेरिकी और फिलिस्तीनी अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी है.

 फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास संयुक्त राष्ट्र महासभा में शामिल होने के लिए न्यूयॉर्क आना चाहते थे लेकिन अमेरिका की ओर से वीजा रिजेक्ट कर दिया गया है. 

https://lalluram.com/india-responds-to-the-us-stance-on-100-tariffs-stating-that-its-priority-is-ensuring-energy-security-for-1-4-billion-people

संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक न्यूयॉर्क में होने वाली है. अब संयुक्त राष्ट्र इस बात पर विचार कर रहा है कि क्या अब्बास को बैठक में ऑनलाइन यानी दूर से शामिल होने की अनुमति दी जाए. महमूद अब्बास का वीजा पिछले साल भी रोका गया था. अमेरिका ने फिलिस्तीनी प्राधिकरण (PA) और फिलिस्तीन लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन (PLO) के अधिकारियों पर भी वीजा प्रतिबंध बढ़ा दिए हैं.

अमेरिका की ओर से फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास का वीजा खारिज किए जाने के बाद अब संयुक्त राष्ट्र में एक बार फिर इस मुद्दे पर वोटिंग की तैयारी है.

फिलिस्तीनी मिशन ने अब्बास को वर्चुअली संबोधित करने की इजाजत देने के लिए महासभा में प्रस्ताव पेश किया है. इस प्रस्ताव पर आज, गुरुवार को चर्चा होनी है. अब्बास को 24 सितंबर को महासभा में स्पीच देनी है. उसी दिन इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का भी संबोधन तय है. 

अमेरिकी विदेश विभाग ने बुधवार को फिलिस्तीन लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन के सदस्यों और फिलिस्तीनी प्राधिकरण (PA) के अधिकारियों पर लगे वीजा प्रतिबंधों को आगे बढ़ाने का ऐलान किया. अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि दोनों संगठनों ने अमेरिका से किए गए अपने वादों को पूरा नहीं किया. 

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m