नई दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया (Jamia Millia Islamia) में जारी धरने और ओखला हेड से कुलपति आवास तक प्रस्तावित मार्च को देखते हुए मंगलवार को पुलिस ने विश्वविद्यालय के आसपास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी। इस बीच, मंगलवार दोपहर 3 बजे प्रस्तावित मार्च बाद में रद्द कर दिया गया। धरने और प्रस्तावित मार्च को देखते हुए पुलिस प्रशासन सतर्क रहा। एहतियातन क्षेत्र में धारा 163 लागू की गई, ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।

दोपहर तीन बजे होना था मार्च

प्रदर्शनकारियों की ओर से ओखला हेड से कुलपति आवास तक मार्च निकालने का कार्यक्रम प्रस्तावित था। यह मार्च मंगलवार दोपहर तीन बजे होना था, लेकिन बाद में इसे रद्द कर दिया गया। मार्च रद्द होने के बावजूद विश्वविद्यालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पर पुलिस की नजर बनी रही। मार्च रद्द होने के बावजूद पुलिस ने मंगलवार देर रात तक जामिया मिल्लिया इस्लामिया और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था सख्त रखी। ओखला हेड से कुलपति आवास तक और विश्वविद्यालय परिसर के बाहर पुलिस की विभिन्न टीमों को तैनात किया गया। पुलिसकर्मी लगातार स्थिति पर नजर बनाए रहे, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

जामिया के बाहर 12 लोग हिरासत में, देर रात तक सुरक्षा रही सख्त

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में जारी धरने और प्रस्तावित मार्च के मद्देनजर पुलिस की कार्रवाई के दौरान करीब 12 लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस के अनुसार, ये लोग छोटे-छोटे गुटों में एकत्र होकर नारेबाजी करते हुए विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे। वहीं, विश्वविद्यालय के किसी गेट या परिसर के हिस्से को पुलिस को सौंपने के दावों पर दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के डीसीपी ने सफाई देते हुए इन्हें पूरी तरह गलत और निराधार बताया। इससे पहले, धरने और ओखला हेड से कुलपति आवास तक प्रस्तावित मार्च को देखते हुए विश्वविद्यालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। मार्च बाद में रद्द कर दिया गया, लेकिन पुलिस की तैनाती देर रात तक जारी रही।

परिसर पुलिस को सौंपने के दावे को DCP ने नकारा

इस बीच, विश्वविद्यालय के किसी गेट या परिसर के किसी हिस्से को पुलिस को सौंपे जाने संबंधी दावों पर दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के डीसीपी ने स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने इन दावों को पूरी तरह गलत और निराधार बताया। पुलिस की ओर से यह सफाई ऐसे समय आई, जब विश्वविद्यालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और धरने को लेकर गतिविधियां जारी थीं।

छात्रों से बातचीत जारी : केंद्रीय शिक्षा मंत्री

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि जामिया के छात्रों के साथ बातचीत जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि परिसर में किसी को भी कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। विश्वविद्यालय में जारी घटनाक्रम के बीच प्रशासन और पुलिस की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

शिक्षकों ने प्रदर्शन में राजनीतिक हस्तक्षेप पर जताई चिंता

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में जारी प्रदर्शन के बीच विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने परिसर के मामले में राजनीतिक हस्तक्षेप का आरोप लगाया है। शिक्षकों की ओर से जारी बयान में विश्वविद्यालय की मौजूदा स्थिति, ऑनलाइन कक्षाओं और प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों पर चर्चा किए जाने की जानकारी दी गई। साथ ही, विश्वविद्यालय के आंतरिक मामले को बड़े राजनीतिक टकराव में बदलने की कथित कोशिशों पर चिंता जताई गई।

छात्रसंघ चुनाव कराने के आदेश का समर्थन

शिक्षकों ने अपने बयान में विश्वविद्यालय प्रशासन के 26 अक्टूबर के आदेश का समर्थन किया। इस आदेश में कहा गया था कि छात्रसंघ के संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिनों के भीतर छात्रसंघ चुनाव कराए जाएंगे। शिक्षकों ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर प्रशासन के इस रुख का समर्थन किया है।

विश्वविद्यालय के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप पर चिंता

बयान में कहा गया कि परिसर की स्थिति का आकलन करने के साथ ऑनलाइन कक्षाओं की समीक्षा की गई और प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों पर चर्चा हुई। शिक्षकों ने राजनीतिक दलों की कथित कोशिशों पर चिंता जताई, जिनके जरिए विश्वविद्यालय के आंतरिक मुद्दे को व्यापक राजनीतिक टकराव का रूप दिए जाने की बात कही गई है।

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