जमशेदपुर। जमशेदपुर में पिछले 24 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश और ओडिशा व चांडिल डैम से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण सुवर्णरेखा और खरकई नदियां इस मानसून में दूसरी बार खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण मानगो, बागबेड़ा, शास्त्रीनगर और भुइयांडीह के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है।
मानगो के पुरुलिया रोड इलाके में पानी का स्तर काफी बढ़ जाने के कारण मंगलवार रात सड़क को बंद कर आवाजाही रोक दी गई।
तेज बहाव में युवक डूबा
कदमा के शास्त्रीनगर ब्लॉक नंबर-2 में मंगलवार देर रात 28 वर्षीय टीपू खान तेज पानी के बहाव की चपेट में आकर डूब गया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। जिला प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए नदी किनारे और तटीय इलाकों में अलर्ट जारी किया है।
दोनों नदियां खतरे के निशान से कई फीट ऊपर
जिला प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, रात 10 बजे तक आदित्यपुर पुल के पास खरकई नदी 6.70 मीटर और मानगो पुल के पास सुवर्णरेखा नदी 2.48 मीटर खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी।
खरकई नदी का डेंजर लेवल 129 मीटर है, जबकि जलस्तर बढ़कर 135.70 मीटर पहुंच गया। वहीं सुवर्णरेखा नदी का खतरे का निशान 121.50 मीटर है और जलस्तर 123.98 मीटर तक पहुंच चुका है।प्रशासन के मुताबिक दोनों नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
सरकारी स्कूलों में आज नहीं बंटेगा मिड डे मील
बाढ़ का असर सरकारी स्कूलों पर भी पड़ा है। बिष्टुपुर के रामदास भट्टा स्थित इस्कॉन के सेंट्रलाइज्ड किचन में पानी घुसने के कारण बुधवार को जिले के सरकारी स्कूलों में मिड डे मील का वितरण नहीं होगा।
शिक्षकों को निर्धारित राशि के अनुसार बच्चों के लिए वैकल्पिक भोजन की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। इस खर्च की प्रतिपूर्ति इस्कॉन की ओर से किए जाने की बात कही गई है।
24 घंटे में 34 मिमी बारिश
जमशेदपुर में सोमवार से शुरू हुई बारिश मंगलवार शाम करीब 5 बजे कुछ कम हुई। पिछले 24 घंटे में शहर में 34 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि मंगलवार को अकेले 18 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई।
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को भी बारिश की संभावना है, हालांकि इसकी तीव्रता सोमवार और मंगलवार की तुलना में कम रह सकती है। 20 और 21 अगस्त को छिटपुट बारिश, जबकि 22 से 24 अगस्त के बीच फिर से तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है।
बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और नदी किनारे जाने से बचने की अपील की है।


