जमशेदपुर। झारखंड के जमशेदपुर में लगातार बारिश के बीच बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है। खरकई और स्वर्णरेखा दोनों नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। चांडिल डैम से लगातार पानी छोड़े जाने और गालूडीह बराज के 9 गेट खोले जाने के बाद नदी किनारे बसे इलाकों में स्थिति और गंभीर हो गई है।
बाढ़ नियंत्रण कोषांग की सुबह 8 बजे की रिपोर्ट के मुताबिक खरकई नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 2.52 मीटर ऊपर पहुंच गया है। वहीं स्वर्णरेखा नदी भी खतरे के निशान को पार कर चुकी है।
खरकई नदी 131.52 मीटर पर
आदित्यपुर पुल के पास खरकई नदी का जलस्तर 131.52 मीटर दर्ज किया गया है। यहां खतरे का निशान 129 मीटर है। यानी नदी खतरे के निशान से 2.52 मीटर ऊपर बह रही है।
स्वर्णरेखा का जलस्तर भी बढ़ा
मानगो पुल के पास स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर 121.58 मीटर दर्ज किया गया है। यहां खतरे का निशान 121.50 मीटर है। यानी नदी खतरे के निशान से 8 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच चुकी है।
डैम और बराज से पानी छोड़े जाने का असर
चांडिल डैम से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं गालूडीह बराज के 9 गेट खोल दिए गए हैं। इससे नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है।
इसका असर पूर्वी सिंहभूम के धालभूमगढ़, बहरागोड़ा और चाकुलिया के नदी तटीय इलाकों में भी दिखाई दे रहा है। इन क्षेत्रों में पानी का दबाव बढ़ने से प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने को कहा है।
इन इलाकों में पानी घुसने का खतरा
जमशेदपुर के नदी किनारे और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा सबसे ज्यादा है। इनमें—
कदमा के शास्त्रीनगर और रामनगर
बागबेड़ा की नया बस्ती और बड़ौदा घाट
जुगसलाई
मानगो
भुइयांडीह
शामिल हैं। इन इलाकों में प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है।
लोगों से सुरक्षित जगह जाने की अपील
प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को स्थिति बिगड़ने पर तुरंत सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।लगातार बारिश और जलाशयों से पानी छोड़े जाने के कारण आने वाले समय में नदियों के जलस्तर पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।


