विजय कुमार, जमुई। जिले में शुक्रवार सुबह चलती ई-रिक्शा की बैटरी फटने से दो छात्राओं के झुलसने की घटना के बाद परिवहन विभाग ने ई-रिक्शा वाहनों की जांच तेज कर दी है। शुक्रवार को विभाग की टीम ने मलयपुर स्टेशन मुख्य सड़क पर मनीदीप स्कूल के पास जांच अभियान चलाया। इस दौरान एक दर्जन के करीब ई-रिक्शा को पकड़ा गया। चालकों से ड्राइविंग लाइसेंस, नंबर प्लेट और वाहन से संबंधित जरूरी कागजात मांगे गए।अचानक मुख्य सड़क पर जांच शुरू होने से ई-रिक्शा चालकों में अफरा-तफरी मच गई।
दरअसल, आज शुक्रवार सुबह एक चलती ई-रिक्शा की बैटरी में विस्फोट होने से वाहन में भीषण आग लग गई थी। इस हादसे में इंटर की दो छात्राएं झुलस गईं।इनमें नेहा कुमारी करीब 80 प्रतिशत झुलस गई,जिसे बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया है।वहीं, दूसरी छात्रा अंजनी कुमारी का निजी क्लिनिक में इलाज चल रहा है।इस घटना के बाद ई-रिक्शा की सुरक्षा और वाहनों के नियमित निरीक्षण को लेकर चिंता बढ़ गई है।
परिवहन विभाग की टीम ने मलयपुर स्टेशन मुख्य सड़क पर चल रहे ई-रिक्शा को रोककर उनके दस्तावेजों की जांच की। इस दौरान ड्राइविंग लाइसेंस, नंबर प्लेट और वाहन से संबंधित अन्य जरूरी कागजात की पड़ताल की गई। जांच में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाने वाले करीब एक दर्जन ई-रिक्शा को पकड़ा गया। चालकों को जरूरी कागजात प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।
जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) सुनील कुमार ने बताया कि नियमित जांच अभियान के तहत ई-रिक्शा वाहनों की जांच की गई है।इस दौरान नंबर प्लेट,ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन से संबंधित जरूरी कागजात देखे गए। लगभग एक दर्जन ई-रिक्शा पकड़े गए हैं।संबंधित चालकों को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है। जो चालक सही कागजात दिखाएंगे, उन्हें छोड़ दिया जाएगा। वहीं, निर्धारित समय पर कागजात प्रस्तुत नहीं करने वाले चालकों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
बैटरी विस्फोट की घटना के बाद विभाग की इस कार्रवाई को सड़क पर चलने वाले ई-रिक्शा की जांच से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, बैटरी विस्फोट और जांच अभियान के बीच विभाग की ओर से किसी प्रत्यक्ष संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
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