जमुई। जमुई-सिकंदरा मुख्य मार्ग पर डॉक्टर नीरज साह के क्लिनिक के पास चलती ई-रिक्शा (टोटो) की बैटरी अचानक फट गई। बैटरी फटने से वाहन में भीषण आग लग गई, जिसकी चपेट में आने से इंटरमीडिएट की दो छात्राएं गंभीर रूप से झुलस गईं। हादसे के समय ड्राइवर ने कान में ईयरफोन लगा रखा था, जिससे उसने छात्राओं की चेतावनी को अनसुना कर दिया।

​कोचिंग से घर लौट रही थीं छात्राएं

​सदर प्रखंड के भगवाना गांव की रहने वाली तीन सहेलियां नेहा कुमारी, अंजनी कुमारी और रुचि रोज की तरह जमुई में कोचिंग करने आई थीं। शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे कोचिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद तीनों ई-रिक्शा पर सवार होकर अपने गांव वापस लौट रही थीं। इस वाहन में उनके अलावा छह अन्य यात्री भी सवार थे।

​ईयरफोन ने ली जान की आफत

​जब ई-रिक्शा महिसौड़ी चौक से आगे बढ़ा, तो अचानक उसमें से धुआं निकलने लगा। खतरे को भांपते हुए छात्राओं ने तुरंत ड्राइवर को इसकी सूचना दी और वाहन रोकने को कहा। हालांकि, ड्राइवर ने कान में ईयरफोन लगा रखा था, जिसके कारण उसने छात्राओं की बात पर ध्यान नहीं दिया और ई-रिक्शा आगे बढ़ता रहा।
​जैसे ही वाहन डॉक्टर नीरज साह के क्लिनिक के पास पहुंचा, बैटरी जोरदार धमाके के साथ फट गई और देखते ही देखते ई-रिक्शा आग की लपटों में घिर गया। वाहन में आग लगते ही चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई। अपनी जान बचाने की कोशिश में तीनों छात्राएं चलती ई-रिक्शा से नीचे कूद गईं।

​एक छात्रा 80% झुलसी, पटना रेफर

​इस भयानक हादसे में दो छात्राएं बुरी तरह झुलस गईं, जबकि तीसरी सहेली रुचि सुरक्षित बच गई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों की मदद की। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
​घायल छात्राओं की पहचान भगवाना गांव निवासी नेहा कुमारी (पिता मनोहर महतो) और अंजनी कुमारी (पिता मनोहर यादव) के रूप में हुई है। डॉक्टर नीरज साह के क्लिनिक और सदर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद, 80 प्रतिशत तक झुलसी नेहा कुमारी की नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया है। वहीं, दूसरी छात्रा अंजनी कुमारी का इलाज एक निजी क्लिनिक में चल रहा है, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

​पुलिस जांच और फरार ड्राइवर की तलाश

​घटना के तुरंत बाद ई-रिक्शा चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस फरार ड्राइवर की पहचान करने और उसकी तलाश में जुट गई है। इस लापरवाही भरे हादसे ने सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा और ड्राइवरों द्वारा ईयरफोन के इस्तेमाल जैसे गंभीर मुद्दों को फिर से उजागर कर दिया है।