विजय कुमार, जमुई। बिहार में पूर्ण शराबबंदी के कड़े कानूनों के बावजूद अवैध शराब के तस्कर अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। राज्य में लगातार पुलिस और मध्य निषेध विभाग द्वारा सख्ती बरती जा रही है, इसके बावजूद तस्कर नए-नए तरीकों से तस्करी को अंजाम देने की फिराक में रहते हैं। ताज़ा मामला बिहार के जमुई जिले से सामने आया है, जहां प्रशासन ने एक बार फिर मुस्तैदी दिखाते हुए शराब की एक बड़ी खेप को नाकाम कर दिया है। विभाग की इस कार्रवाई से शराब माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
गुप्त सूचना पर मध्य निषेध विभाग की कार्रवाई
मिली जानकारी के अनुसार, मध्य निषेध विभाग को यह गुप्त सूचना मिली थी कि जमुई के रास्ते भारी मात्रा में विदेशी शराब की तस्करी की जाने वाली है। तस्करों ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए एक लग्जरी गाड़ी का इस्तेमाल करने की योजना बनाई थी। सूचना मिलते ही विभाग की विशेष टीम पूरी तरह से सतर्क हो गई और बिना समय गंवाए संदिग्ध वाहनों की सघन जांच व घेराबंदी शुरू कर दी। मुखबिर के इशारे और सटीक लोकेशन के आधार पर टीम ने एक टाटा इनोवा कार को चारों तरफ से घेर लिया।
इनोवा कार से 50 कार्टन (432 लीटर) अंग्रेजी शराब जब्त
जब अधिकारियों ने घेराबंदी कर टाटा इनोवा कार की तलाशी ली, तो उनके होश उड़ गए। गाड़ी के अंदर सीटों को हटाकर या छिपाकर भारी मात्रा में शराब के कार्टन लादे गए थे। गिनती करने पर वाहन से कुल 50 कार्टन अंग्रेजी शराब बरामद की गई। जब्त की गई शराब की कुल मात्रा 432 लीटर बताई जा रही है, जिसकी बाजार में कीमत लाखों रुपए आंकी जा रही है। विभाग ने शराब की इस पूरी खेप के साथ-साथ तस्करी में प्रयुक्त टाटा इनोवा कार को भी अपने कब्जे में ले लिया है।
अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हुआ तस्कर, तलाश जारी
कार्रवाई के दौरान पुलिस और विभाग की टीम को चकमा देकर कार चालक और मुख्य तस्कर मौके से फरार होने में कामयाब रहा। आशंका जताई जा रही है कि वाहन को अकेला छोड़ तस्कर अंधेरे या भारी ट्रैफिक का फायदा उठाकर भाग निकला। हालांकि, मध्य निषेध विभाग और स्थानीय पुलिस अब उस फरार तस्कर की पहचान करने और उसके ठिकानों का पता लगाने में जुटी है। वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर मालिक का विवरण खंगाला जा रहा है ताकि इस अवैध धंधे के मुख्य सरगना तक पहुंचा जा सके।
कानून के शिकंजे में तस्कर, आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी
बिहार उत्पाद अधिनियम (शराबबंदी कानून) के तहत इस पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई तेजी से की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि राज्य में किसी भी कीमत पर अवैध शराब के कारोबार को पनपने नहीं दिया जाएगा। लगातार इस तरह के अभियानों से तस्करों के मंसूबों पर पानी फिर रहा है। जमुई में हुई इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि शराब तस्कर चाहे कितनी भी चालाकी क्यों न कर लें, कानून के लंबे हाथ उन तक पहुंच ही जाएंगे।

