सतीश सिंह, वाराणसी. जापान के यामानाशी प्रीफेक्चर के गवर्नर कोटारो नागासाकी ने रविवार को कहा कि उत्तर प्रदेश, यामानाशी प्रांत और जापान के बीच संबंधों को और मजबूत किया जाएगा. उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मिलकर ग्रीन हाइड्रोजन सिस्टम सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई है. नागासाकी रविवार को वाराणसी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे.
नागासाकी ने कहा कि हम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मिलकर कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाना चाहते हैं. इनमें से एक महत्वपूर्ण पहल ग्रीन हाइड्रोजन सिस्टम के माध्यम से उत्तर प्रदेश और यामानाशी प्रांत के विकास को बढ़ावा देना है. इसके साथ ही हमारी इच्छा ऊर्जा सुरक्षा के माध्यम से विश्व शांति की स्थापना में भी योगदान देने की है.
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नागासाकी के नेतृत्व में जापानी प्रतिनिधिमंडल के करीब 15 सदस्यों ने श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचकर बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन किए. मंदिर न्यास के एसडीएम शंभू शरण के अनुसार, मेहमानों का रुद्राक्ष की माला और अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत किया गया. श्रद्धालुओं ने ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष के साथ उनका अभिवादन किया. जापानी प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने भी श्रद्धालुओं के साथ जयघोष किया.
क्राउड मैनेजमेंट व्यवस्था की सराहना
सावन मास में कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखकर जापानी दल के सदस्य प्रभावित नजर आए. उन्होंने योगी सरकार की क्राउड मैनेजमेंट व्यवस्था की सराहना की और बाबा विश्वनाथ धाम की आध्यात्मिक आभा को निहारा. प्रतिनिधिमंडल ने काशी में आध्यात्मिक विरासत और आधुनिक विकास के समन्वय को करीब से देखा. नागासाकी ने कहा कि यहां आकर लोगों की ईश्वर के प्रति श्रद्धा स्पष्ट रूप से महसूस हुई. उन्होंने विश्व शांति के लिए प्रार्थना की. इससे पूर्व जापानी प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को सारनाथ का भ्रमण किया और शाम को नमो घाट पर गंगा आरती में शामिल हुआ. रविवार को मंदिर दर्शन के बाद दल वाराणसी से रवाना हो गया.

