सत्या राजपूत, रायपुर। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) छत्तीसगढ़ ने प्रदेश के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों एवं संबद्ध अस्पतालों में लंबित मांगों को लेकर आंदोलन के अगले चरण की घोषणा की है। JDA के अनुसार, कल से प्रदेशभर में OPD सेवाओं का बहिष्कार किया जाएगा। हालांकि, मरीजों को न्यूनतम असुविधा हो, इसके लिए अस्पताल के बाहर समानांतर OPD संचालित कर जरूरतमंद मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा।

JDA के अनुसार, 18 सितंबर को स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के साथ हुई चर्चा के दौरान संगठन ने अपनी प्रमुख मांगें रखी थीं। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने मांगों के समाधान के लिए 7 दिनों का समय मांगा था। इसके आधार पर संगठन ने अपना प्रस्तावित आंदोलन स्थगित कर दिया था और इस अवधि में नियमित चिकित्सा सेवाएं जारी रखी थीं।

JDA का कहना है कि सात दिनों की अवधि पूरी होने के बाद भी संगठन द्वारा उठाई गई तीन प्रमुख मांगों पर अपेक्षित ठोस निर्णय या आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। इसी के चलते JDA छत्तीसगढ़ के आह्वान पर कल से प्रदेशभर में OPD सेवाओं के बहिष्कार का निर्णय लिया गया है।
क्या होगा आंदोलन का अगला चरण
JDA का कहना है कि यदि निर्धारित समय में मांगों के समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो 28 सितंबर से PG Residents, MBBS Interns, Bonded Medical Officers एवं Senior Residents द्वारा प्रदेशभर में Emergency सेवाओं से भी हटने का चरण प्रस्तावित है।
JDA छत्तीसगढ़ पुनः स्पष्ट करता है कि संगठन का उद्देश्य मरीजों को परेशान करना नहीं, बल्कि लंबे समय से लंबित चिकित्सकों एवं मेडिकल छात्रों की मांगों के समयबद्ध एवं नीतिगत समाधान की मांग करना है। JDA ने अब तक संवाद और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक माध्यमों को प्राथमिकता दी है और सरकार से भी अपेक्षा है कि मरीजों और चिकित्सकों दोनों के हित में शीघ्र ठोस निर्णय लिया जाए।
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