“Courage is not the absence of fear, but the triumph over it.”: फ्लाईदुबई की फ्लाइट में 30 सितंबर को भारतीय नागरिक कैप्टन स्मित माछर पर हमला और उनकी बहादुरी इन दिनों वैश्विक चर्चा का केंद्र बिन्दु है। उड़ान के दौरान को-पायलट ने कॉकपिट में कैप्टन स्मित माछर पर हमला किया था जिसे कैप्टन ने अपनी सूझबूझ से नाकाम कर दिया। घटना के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया। फ्लाईदुबई फ्लाइट के कैप्टन स्मित माछर को ट्रंप से लेकर इसराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू तक बता हीरो बोलते नहीं थक रहे।

“Keep calm and carry on.” यानि “शांत रहें और आगे बढ़ते रहें”। इसराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने लिखा, “हमला होने और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने जवाबी कार्रवाई की, हमलावर का विरोध किया, कॉकपिट का दरवाज़ा खोला और यात्रियों के साथ चालक दल के सदस्यों को हमलावर पर काबू पाने में सक्षम बनाया। इससे हवा में एक बड़ी त्रासदी होने से बच गई. माछर ने इसराइली नागरिकों और अन्य देशों के नागरिकों समेत 174 लोगों की जान बचाई।

“When the going gets tough, the tough get going.” इसका आशय है मुश्किल के समय में मजबूत इच्छा शक्ति के लोग पीछे नहीं हटते बल्कि और अधिक मेहनत और हिम्मत के साथ आगे बढ़ते हैं। कॉकपिट में एक स्विच होता है जिससे भीतर से ही अंदर से ही कॉकपिट का दरवाज़ा अनलॉक किया जा सकता है. इसलिए कैप्टन स्मित मच्छर ने बहुत ही समझदारी के साथ सभी को आवाज लगाते हुए बेहोश होने से पहले उस स्विच भी दबाया होगया ताकि फ्लाइट अटेंडेंट और यात्री कॉकपिट के अंदर पहुंच सकें। ऐसी आपात स्थिति में सूझबूझ और सही निर्णय के भाव के लिए श्रीमद्भगवद्गीता का एक श्लोक न हि ज्ञानेन सदृशं पवित्रमिह विद्यते। बहुत उपयुक्त है जिसका अर्थ है इस संसार में ज्ञान के समान पवित्र और श्रेष्ठ कुछ हीं है।
जब-जब समस्या खड़ी होती है तब-तब हिम्मत बड़ी होती है। “Tough times never last, but tough people do.” का हिन्दी अर्थ है: “कठिन समय हमेशा नहीं रहता, लेकिन मजबूत लोग टिके रहते हैं।”

संदीप अखिल सलाहकार संपादक न्यूज़ 24 मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़/लल्लूराम डॉट कॉम