झांसी. उत्तर प्रदेश के झांसी में दिव्य दरबार लगाकर लोगों की बीमारियां ठीक करने का दावा करने वाला काली सरकार बाबा पुलिस के हत्थे चढ़ गया. उसकी पहचान प्रदीप शुक्ला उर्फ नटरोज के रूप में हुई है. पुलिस के मुताबिक, वह हरदोई का हिस्ट्रीशीटर है और पुराने मामलों में वांछित था. रविवार को हरदोई और मऊरानीपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने कुरैंचा गांव स्थित काली सरकार मंदिर में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया. वह यहां नाम बदलकर रह रहा था.
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नाम बदलकर बना था काली सरकार बाबा
पुलिस के अनुसार, प्रदीप शुक्ला हरदोई के कोतवाली थाना क्षेत्र के चौहान थोक का रहने वाला है. हरदोई से फरार होने के बाद वह झांसी के मऊरानीपुर क्षेत्र स्थित कुरैंचा गांव के मंदिर में रहने लगा. यहां उसने अपना नाम सत्यानंद शुक्ला उर्फ काली सरकार रख लिया और बाबा के रूप में पहचान बना ली. वह आर्मी जैसी पोशाक पहनकर भी दरबार में पहुंचता था.
लूट और मारपीट के मामलों में था वांछित
प्रदीप शुक्ला के खिलाफ हरदोई में कई मामले दर्ज हैं. वर्ष 2014 में उसे लूट के एक मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. वर्ष 2018 में उसके खिलाफ मारपीट का मामला भी दर्ज हुआ. पुलिस के मुताबिक, अदालत में पेश नहीं होने के कारण उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी किए गए थे. पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी. सूचना मिलने के बाद संयुक्त टीम ने कार्रवाई की.
दिव्य दरबार में बीमारी ठीक करने का दावा
काली सरकार बाबा के दरबार में दूर-दराज के क्षेत्रों से लोग पहुंचते थे. वह लोगों की परेशानियां सुनकर बीमारियां ठीक करने और दूसरी समस्याओं का समाधान करने का दावा करता था. वह सप्ताह में कई दिन दरबार लगाता था. स्थानीय लोगों के लिए बुधवार को भी दरबार आयोजित किया जाता था.
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इंस्टाग्राम पर एक लाख से ज्यादा फॉलोअर्स
काली सरकार के नाम से सोशल मीडिया पर भी उसकी पहचान थी. रिपोर्ट के मुताबिक, उसके इंस्टाग्राम पेज पर एक लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं. नवरात्र के दौरान उसने सोशल मीडिया पर नौ दिन तक दरबार बंद रखने की सूचना दी थी. इसी बीच रविवार को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. पुलिस की कार्रवाई के बाद उसके पुराने आपराधिक मामलों और फरारी को लेकर मामला चर्चा में आ गया है.

