रांची। झारखंड भाजपा ने संगठन को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए प्रदेश स्तर पर 28 प्रकोष्ठ और 12 विभागों के संयोजक-सहसंयोजकों की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही पार्टी ने 6 प्रदेश मोर्चों के अध्यक्षों के नाम भी जारी कर दिए हैं। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की सहमति के बाद प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्र ने नई जिम्मेदारियों की सूची जारी की।

महिला मोर्चा की कमान डॉ. सीमा सिंह को

भाजपा ने डॉ. सीमा सिंह को प्रदेश महिला मोर्चा का अध्यक्ष बनाया है। वहीं किसान मोर्चा की जिम्मेदारी अर्जुन सिंह, अनुसूचित जनजाति मोर्चा की कमान रंजय भारती और ओबीसी मोर्चा का नेतृत्व मनोज बाजपेयी महतो करेंगे।अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष मो. ताजदार आलम और अजजा मोर्चा के अध्यक्ष सन्नी टोप्पो बनाए गए हैं।

विधि और IT प्रकोष्ठ में भी बड़ी जिम्मेदारी

भाजपा की नई सूची में कई पुराने चेहरों पर फिर भरोसा जताया गया है। विधि प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी अधिवक्ता सुधीर श्रीवास्तव को दी गई है, जबकि आईटी प्रकोष्ठ का दायित्व कर्नल बीके सिंह संभालेंगे।वरिष्ठ नागरिक प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी डॉ. उमेश केडिया और कृष्ण कुमार मुन्ना को सौंपी गई है।

इन नेताओं को मिली अहम जिम्मेदारी

पार्टी ने अलग-अलग प्रकोष्ठों में भी पदाधिकारियों की घोषणा की है।

नगर निकाय प्रकोष्ठ: अनिल मोदी
प्रबुद्ध प्रकोष्ठ: राजेश शुक्ला, बलवंत सिंह यादव
उद्योग प्रकोष्ठ: राजेंद्र पासवान, मुकेश कुमार सिंह
व्यापार प्रकोष्ठ: दिलीप सोनी
आर्थिक प्रकोष्ठ: सीए राजकुमार, सीए प्रदीप कुमार जालुका
चिकित्सा प्रकोष्ठ: डॉ. अभिषेक रामाधीन
शिक्षा प्रकोष्ठ: डॉ. समर सिंह, जटाशंकर पांडे


12 विभागों की भी जिम्मेदारी तय

प्रदेश भाजपा ने विभिन्न विभागों के लिए भी संयोजकों के नाम घोषित किए हैं। इनमें नमामि गंगे विभाग की जिम्मेदारी राजेश मंडल, नीति शोध विभाग आलोक तिवारी, मीडिया संपर्क विभाग किशलय तिवारी और चुनाव आयोग समन्वय विभाग चंद्रप्रकाश को दिया गया है।

वहीं विधि एवं कानून विभाग हेमंत गुप्ता, पार्टी पत्रिका एवं प्रकाशन विभाग रविनाथ किशोर, अंतरराष्ट्रीय संपर्क विभाग विजय पांडे, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ विभाग निशि जायसवाल और स्वच्छ भारत अभियान विभाग महादेव दूबे को सौंपा गया है।

संगठन में जिम्मेदारियों का पूरा खाका तैयार

भाजपा की इस घोषणा के साथ प्रदेश संगठन में 28 प्रकोष्ठ, 12 विभाग और 6 प्रदेश मोर्चों की जिम्मेदारियां तय हो गई हैं। पार्टी ने कई अनुभवी नेताओं को दोबारा जिम्मेदारी देकर संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने का संकेत दिया है।