रांची। झारखंड सीजीएल 2023 के कथित पेपर लीक मामले में सीआईडी की एसआईटी ने जांच तेज कर दी है। सोमवार को टीम ने 20 और संदिग्ध अभ्यर्थियों को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया। सभी से पूछताछ के बाद उनके बयान दर्ज किए गए।
पेपर लीक मामले में एसआईटी अब तक करीब 150 अभ्यर्थियों और संदिग्धों से पूछताछ कर चुकी है। जांच के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर संदिग्ध अभ्यर्थियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
सबूत मिले तो सीधे गिरफ्तारी
जांच में जिन अभ्यर्थियों के खिलाफ कथित गड़बड़ी में शामिल होने के पर्याप्त साक्ष्य मिल रहे हैं, उनके खिलाफ एसआईटी कार्रवाई कर रही है। अब तक 8 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।सीआईडी की जांच में पूछताछ के साथ-साथ उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है।
परीक्षा एजेंसी के दो कर्मचारियों से पूछताछ
परीक्षा कराने वाली एजेंसी वेबल और आईसीएन से जुड़े कर्मचारी सोमांश प्रकाश और राहुल भी सीआईडी की जांच के दायरे में हैं। दोनों को पांच दिनों की पुलिस रिमांड पर लिया गया था।
मंगलवार को दोनों की रिमांड अवधि पूरी हो रही है। रिमांड के दौरान सीआईडी ने दोनों से परीक्षा प्रक्रिया और कथित पेपर लीक से जुड़े कई बिंदुओं पर पूछताछ की। अधिकारियों के मुताबिक पूछताछ से मिली कुछ अहम जानकारियों के आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया गया है।
रिमांड पूरी होने के बाद दोनों आरोपियों को मंगलवार को अदालत में पेश किया जाएगा। इसके बाद उन्हें जेल भेजे जाने की संभावना है।
जनवरी 2025 में दर्ज हुई थी FIR
झारखंड सीजीएल 2023 के कथित पेपर लीक मामले में 1 जनवरी 2025 को सीआईडी थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। यह मामला कांड संख्या 01/2025 के तहत दर्ज हुआ था।
अब एसआईटी की नजर उन अभ्यर्थियों और अन्य लोगों पर है, जिनकी भूमिका जांच के दौरान संदिग्ध पाई जा रही है। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर आने वाले दिनों में कार्रवाई और तेज होने की संभावना है।


