रांची। झारखंड में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। राजधानी रांची में लगातार नए मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। रिम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में राज्य के अलग-अलग हिस्सों से आए 11 संदिग्ध मरीजों के सैंपल की जांच की गई, जिनमें 8 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। संक्रमित लोगों में माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रभारी विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार शर्मा भी शामिल हैं।

10 दिनों में 16 मरीजों की निजी लैब में पुष्टि

रांची की निजी लैब में भी H1N1 के नए मामले सामने आ रहे हैं। माइक्रो प्रैक्सिस लैब में पिछले 10 दिनों के दौरान 16 लोगों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। शहर की अन्य प्रमुख निजी लैब में भी रोजाना एक-दो नए संक्रमित मरीज मिलने की जानकारी सामने आई है।रिम्स और निजी लैब की जांच को मिलाकर अब तक 24 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि बताई जा रही है।

ज्यादातर संक्रमित हाल में कर चुके हैं यात्रा

स्वाइन फ्लू से संक्रमित पाए गए अधिकांश मरीज हाल में दूसरे शहरों या राज्यों से लौटे हैं। घर लौटने के बाद उन्हें तेज बुखार, गले में दर्द, सर्दी और खांसी जैसे लक्षण महसूस हुए। इसके बाद डॉक्टर की सलाह पर जांच कराने पर संक्रमण की पुष्टि हुई।

स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, सभी जिलों को निर्देश

मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए राज्य का स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। सभी जिलों के सिविल सर्जनों को H1N1 संक्रमण को लेकर सतर्कता बरतने और संदिग्ध मरीजों की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।ICMR ने भी लोगों को संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है।

कैसे फैलता है H1N1?

H1N1 वायरस संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या सांस लेने के दौरान निकलने वाली बूंदों के संपर्क में आने से फैल सकता है। तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, सांस लेने में परेशानी और शरीर में दर्द जैसे लक्षण दिखने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

भीड़ से बचें, जरूरत पर मास्क लगाएं

माइक्रोबायोलॉजिस्ट डॉ. पूजा सहाय ने लोगों को घबराने के बजाय सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि भीड़भाड़ वाले स्थानों से बचना, जरूरत पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल करना और हाथों की नियमित सफाई जैसे उपाय संक्रमण से बचाव में मदद कर सकते हैं।

डॉक्टर बोले- लापरवाही न करें

रिम्स माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रभारी विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार शर्मा के मुताबिक, स्वाइन फ्लू को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन लापरवाही भी नहीं करनी चाहिए। सामान्य मामलों में यह कुछ दिनों में ठीक हो सकता है।

हालांकि तेज या लगातार बना रहने वाला बुखार, बहुत अधिक तापमान या गले में तेज दर्द जैसे लक्षण होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।