ब्लैकलिस्टेड एजेंसी, परीक्षा संचालन और चयन प्रक्रिया पर सवाल; अब तक 10 गिरफ्तार, अभ्यर्थियों से OMR कार्बन कॉपी भी मांगी

रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच तेज हो गई है। मामले में पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन भी अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने पूछताछ की। कड़ी सुरक्षा के बीच खियांग्ते CID मुख्यालय पहुंचे, जहां विशेष जांच दल (SIT) के अधिकारी उनसे परीक्षा संचालन और चयन प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सवाल-जवाब कर रहे हैं।

इससे पहले 28 जुलाई को पहले दिन करीब आठ घंटे तक चली पूछताछ के दौरान CID ने उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया था। जांच एजेंसी ने उनसे ब्लैकलिस्टेड कंपनी टीडीपीएल के चयन, उसके मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी से संबंध, तथा उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता के तबादले के बाद भी आयोग में बने रहने जैसे मुद्दों पर सवाल किए थे। सूत्रों के मुताबिक, खियांग्ते ने अधिकांश सवालों के जवाब में प्रक्रिया को नियमों के अनुरूप बताया।

29 जुलाई को दूसरे दिन भी उनसे घंटों पूछताछ हुई, जिसमें परीक्षा संचालन, एजेंसी चयन और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े कई बिंदुओं पर जानकारी ली गई।

OMR शीट की कार्बन कॉपी मांगी

CID ने जांच के दायरे को और बढ़ाते हुए JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों से पेपर-1 और पेपर-2 की OMR शीट की कार्बन कॉपी उपलब्ध कराने की अपील की है। इसके लिए जांच एजेंसी ने व्हाट्सएप नंबर और ईमेल आईडी भी जारी की है, ताकि अभ्यर्थी PDF या फोटो के रूप में अपनी OMR कॉपी SIT को भेज सकें।

अब तक 10 गिरफ्तार

जांच के दौरान CID पहले ही खियांग्ते के कांके रोड स्थित सरकारी आवास, JPSC कार्यालय और TDPL के कार्यालय में छापेमारी कर कई दस्तावेज जब्त कर चुकी है। इस मामले में उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता समेत अब तक 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पांच आरोपियों से पुलिस रिमांड पर पूछताछ जारी है।

अध्यक्ष पद अभी भी खाली

एल. खियांग्ते ने 21 जुलाई 2026 को JPSC अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे के बाद आयोग में अध्यक्ष का पद खाली है। ऐसे में नई नियुक्ति होने तक आयोग के लिए नई परीक्षाएं आयोजित करना या परिणाम जारी करना संभव नहीं है। सरकार जल्द नए अध्यक्ष की नियुक्ति या किसी वरिष्ठ IAS अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार देने पर विचार कर रही है।