रांची। झारखंड सरकार की ओर से 44 परीक्षाएं रद्द करने और न्यायिक जांच का आदेश जारी किए जाने के बावजूद छात्रों का आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। आंदोलन कर रहे छात्र अब सरकार के आदेश में न्यायिक जांच से जुड़े प्रावधानों को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता रवींद्र पासवान ने बताया कि उनका विरोध-प्रदर्शन मंगलवार को 26वें दिन में प्रवेश कर गया है। सरकार की ओर से जारी नए नोटिफिकेशन को लेकर छात्र संगठन की कोर कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है।

जांच के प्रावधानों पर छात्रों को आपत्ति

रवींद्र पासवान के मुताबिक, सरकार ने छात्रों की प्रमुख मांग यानी परीक्षाओं को रद्द करने की मांग स्वीकार कर ली है। हालांकि, न्यायिक जांच की प्रक्रिया और उसके दायरे को लेकर कुछ बिंदु अभी भी स्पष्ट नहीं हैं।

छात्र संगठनों का कहना है कि वे जांच को लेकर अपनी मांगों और शर्तों पर कायम हैं। सरकार ने झारखंड हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में जांच कराने का प्रस्ताव दिया है।

कोर कमेटी तय करेगी आगे की रणनीति

सरकार के नए आदेश पर चर्चा के लिए छात्र संगठनों की कोर कमेटी की बैठक होगी। बैठक में न्यायिक जांच के प्रावधानों और सरकार के फैसले पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

इसके बाद ही यह तय होगा कि आंदोलन जारी रखा जाएगा या सरकार के फैसले के बाद आगे की रणनीति में बदलाव किया जाएगा। फिलहाल छात्रों ने साफ कर दिया है कि केवल परीक्षा रद्द करने से आंदोलन समाप्त करने का फैसला नहीं लिया गया है।