रांची। झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने JSSC CGL परीक्षा-2023 समेत JPSC की 21 परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। इसके अलावा JPSC की 6 परीक्षाओं को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। वहीं भाजपा शासनकाल में आयोजित JPSC की 16 प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ वर्ष 2010 की एक अन्य परीक्षा की भी जांच कराने का निर्णय लिया गया है।

कार्मिक विभाग ने मंगलवार देर रात इस संबंध में पांच अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी कीं। इसके अलावा परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर भी अलग अधिसूचना जारी की गई है।

CID जांच में सामने आए तथ्यों के बाद फैसला

सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, JSSC CGL परीक्षा में अनियमितता की शिकायत के बाद गठित SIT की जांच और JPSC से जुड़े मामले में चल रही CID जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर परीक्षा रद्द की गई है।

JPSC की अन्य परीक्षाओं को भी CID जांच में सामने आए तथ्यों और TDPL की कथित संलिप्तता के आधार पर रद्द करने का फैसला लिया गया है। इन परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय सोमवार को हुई कैबिनेट की विशेष बैठक में लिया गया था।

ये 21 परीक्षाएं हुईं रद्द
JSSC CGL परीक्षा-2023
झारखंड सिविल सेवा संयुक्त परीक्षा-2023
झारखंड 14वीं सिविल सेवा संयुक्त परीक्षा-2025
सिविल सेवा बैकलॉग परीक्षा-2023
सिविल सेवा बैकलॉग परीक्षा-2025
विश्वविद्यालयों में गैर-शैक्षणिक पदों पर नियुक्ति परीक्षा-2025
सहायक निदेशक/सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर बैकलॉग नियुक्ति-2025
सहायक निदेशक/सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर नियमित नियुक्ति-2025
ड्रग इंस्पेक्टर नियुक्ति परीक्षा-2025
इंजीनियरिंग कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक बैकलॉग नियुक्ति-2026
सरकारी पॉलिटेक्निक में व्याख्याता नियुक्ति-2026
सरकारी पॉलिटेक्निक में व्याख्याता बैकलॉग नियुक्ति-2026
मेडिकल कॉलेजों में स्पेशियलिटी सहायक प्राध्यापक नियुक्ति-2026
सिविल जज जूनियर डिविजन नियुक्ति परीक्षा-2023
सहायक वन संरक्षक नियुक्ति परीक्षा-2024
वन क्षेत्र पदाधिकारी नियुक्ति परीक्षा-2024
सहायक लोक अभियोजक नियमित नियुक्ति परीक्षा-2025
सहायक लोक अभियोजक बैकलॉग नियुक्ति परीक्षा-2025
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी नियुक्ति परीक्षा-2023
CDPO नियुक्ति परीक्षा-2023
झारखंड पात्रता परीक्षा-2024
छठी सीमित उपसमाहर्ता परीक्षा-2018
JPSC की 6 परीक्षाएं अगले आदेश तक स्थगित

सरकार ने छह परीक्षाओं को फिलहाल स्थगित रखने का फैसला किया है। इनमें शामिल हैं—

खाद्य विश्लेषक नियुक्ति परीक्षा-2024
उपनिदेशक, अभियोजन नियुक्ति परीक्षा-2025
प्रोजेक्ट मैनेजर नियुक्ति परीक्षा-2025
कारखाना निरीक्षक नियुक्ति परीक्षा-2025
वाष्पित्र नियंत्रक नियुक्ति परीक्षा-2025
निदेशक नियुक्ति परीक्षा-2025


इन पुरानी परीक्षाओं की होगी जांच

सरकार ने JPSC की पुरानी परीक्षाओं की भी जांच कराने का निर्णय लिया है। इनमें 2010 से 2022 तक आयोजित 16 परीक्षाएं शामिल हैं।

जांच के दायरे में पांचवीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2013, सिविल जज जूनियर डिविजन परीक्षा-2015, कृषि विभाग की सहायक निदेशक परीक्षाएं, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी परीक्षा-2016, संयुक्त सिविल सेवा बैकलॉग परीक्षा-2016, संयुक्त सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा-2016, APP परीक्षा-2018, सिविल जज जूनियर डिविजन परीक्षा-2018, संयुक्त सहायक अभियंता परीक्षा-2019 और दंत चिकित्सक नियुक्ति परीक्षा-2022 समेत अन्य परीक्षाएं शामिल हैं।

परीक्षा सुधार के लिए भी बनेगी कमेटी

सरकार ने JPSC और JSSC में परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए IAS अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने का निर्णय लिया है। इसमें अन्य अधिकारियों के साथ प्रतिष्ठित संस्थानों के निदेशकों को भी सदस्य बनाया जाएगा। कमेटी को दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी।इसके अलावा दोनों आयोगों में आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ गठित किया जाएगा।

अनियमितता के मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्रस्ताव

सरकार ने JPSC और JSSC में अनियमितता एवं कदाचार से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने को झारखंड हाईकोर्ट से अनुरोध करने का भी फैसला लिया है।

सरकार के इन फैसलों से झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और भर्ती प्रक्रिया को लेकर चल रहे विवाद के बीच बड़ा असर पड़ने की संभावना है। छात्रों के आंदोलन के बीच परीक्षाओं को रद्द करने और पुरानी परीक्षाओं की जांच के फैसले को सरकार का बड़ा कदम माना जा रहा है।