रांची। झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर पिछले 14 दिनों से जारी छात्र आंदोलन के बीच शुक्रवार रात सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई बहुप्रतीक्षित वार्ता समाप्त हो गई। स्टेट गेस्ट हाउस में शाम करीब 7:45 बजे शुरू हुई बैठक रात 9:25 बजे खत्म हुई। करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में छात्रों ने अपनी मांगों को सरकार के सामने विस्तार से रखा। वार्ता के बाद छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि सरकार के साथ सकारात्मक बातचीत हुई है।
डेढ़ घंटे तक चली बातचीत, हर मांग पर हुई चर्चा
बैठक में छात्रों के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल और सरकार के प्रतिनिधियों ने आमने-सामने बैठकर मांग पत्र के सभी बिंदुओं पर चर्चा की। छात्र नेताओं ने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, परीक्षा सुधार और अन्य मुद्दों पर सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग की।
सरकार की ओर से शामिल रहे मंत्री और अधिकारी
सरकार की ओर से वार्ता में शामिल प्रतिनिधियों में शामिल थे—
मंत्री दीपिका पांडे सिंह
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू
मंत्री चमरा लिंडा
मंत्री संजय यादव
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह
छात्रों की ओर से शामिल रहे 10 प्रतिनिधि
अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल में शामिल सदस्य—
रवीन्द्र पासवान
पीयूष कुमार
राजेश प्रसाद
नीतू कुजूर
अंकित राज
कार्तिक सोरेन
शालू कुमारी
रवींद्र कुमार रवि
आनंद कुमार
अंकित कुमार
क्या हैं छात्रों की प्रमुख मांगें?
छात्रों ने सरकार के सामने प्रमुख रूप से ये मांगें रखीं—
14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा (PT) का परिणाम रद्द किया जाए।
जिन परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोप लगे हैं, उनकी निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए।
भविष्य की परीक्षाओं के लिए सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।
सरकार ने क्या कहा?
सरकार ने वार्ता के दौरान कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर CID कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष और कड़ी जांच कर रही है। सरकार के अनुसार, इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। साथ ही छात्रों से आंदोलन समाप्त करने की अपील करते हुए कहा गया कि सरकार उनकी मांगों को लेकर संवेदनशील है और उचित कार्रवाई की जाएगी।
आगे की रणनीति पर टिकी निगाहें
वार्ता को दोनों पक्षों ने सकारात्मक बताया है, लेकिन आंदोलन समाप्त करने को लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है। अब छात्रों की अगली बैठक और सरकार की आगे की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं। आने वाले दिनों में यह तय होगा कि छात्र आंदोलन जारी रहेगा या बातचीत के आधार पर कोई समाधान निकलता है।


