रांची। झारखंड में JPSC और JSSC की परीक्षाओं को लेकर चल रहा विवाद अब मुख्यमंत्री तक पहुंच गया है। परीक्षा में कथित धांधली के खिलाफ आंदोलन करने वाले छात्रों पर दर्ज FIR को लेकर JPSC/JSSC Reform Manch ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से हस्तक्षेप की मांग की है। 5 सितंबर को मुख्यमंत्री सचिवालय में सौंपे गए ज्ञापन में मंच ने छात्रों पर दर्ज मामलों को तत्काल रद्द करने के साथ-साथ आंदोलन के दौरान कथित मारपीट करने वालों पर भी कार्रवाई की मांग की है।

26 दिन के आंदोलन के बाद FIR पर सवाल

Reform Manch के मुताबिक JPSC और JSSC की विभिन्न परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, OMR लीक, लेन-देन और सेटिंग के आरोपों को लेकर छात्रों ने करीब 26 दिनों तक आंदोलन किया था।

मंच का आरोप है कि आंदोलन को दबाने के लिए झारखंड के अलग-अलग थानों में छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। अब मंच ने इन सभी मामलों को वापस लेने की मांग मुख्यमंत्री के सामने रखी है।

‘छात्रों पर FIR तो मारपीट करने वालों पर भी कार्रवाई’

ज्ञापन में आंदोलन के दौरान छात्रों के साथ कथित मारपीट का मुद्दा भी उठाया गया है। मंच ने आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मियों और JMM कार्यकर्ताओं ने छात्रों को दौड़ाकर पीटा।

Reform Manch का कहना है कि अगर आंदोलन के दौरान छात्रों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है, तो कथित रूप से मारपीट करने वालों पर भी FIR दर्ज कर निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला

मंच ने अपनी मांग के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा है कि अलग-अलग राज्यों में छात्र आंदोलनों के दौरान दर्ज FIR को रद्द करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी आधार पर झारखंड में भी आंदोलनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को खत्म करने की मांग की गई है।

2014 से अब तक की परीक्षाओं की जांच की मांग

FIR वापस लेने के साथ Reform Manch ने JPSC और JSSC को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद की जड़ तक पहुंचने की मांग की है।मंच ने मुख्यमंत्री से 2014 से अब तक आयोजित JPSC/JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली की उच्चस्तरीय जांच CBI से कराने की अनुशंसा करने की मांग की है।

मंच का कहना है कि वर्षों से परीक्षा प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग तरह के आरोप सामने आते रहे हैं। ऐसे में निष्पक्ष जांच से यह स्पष्ट होना चाहिए कि पेपर लीक, OMR से छेड़छाड़, लेन-देन या सेटिंग जैसी गड़बड़ियों के आरोपों में कितनी सच्चाई है।

CM से मांगा तीन बिंदुओं पर फैसला

Reform Manch ने मुख्यमंत्री के समक्ष मुख्य रूप से तीन मांगें रखी हैं—

0 छात्रों के खिलाफ अलग-अलग थानों में दर्ज FIR तत्काल वापस ली जाए।
0 छात्रों के साथ कथित मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों और JMM कार्यकर्ताओं पर FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई हो।
0 2014 से अब तक JPSC/JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली की CBI से उच्चस्तरीय जांच कराने की अनुशंसा की जाए।

अब इस पूरे मामले में राज्य सरकार के रुख पर नजर है। छात्रों की FIR, आंदोलन के दौरान कथित मारपीट और JPSC-JSSC परीक्षाओं की जांच की मांग को लेकर सरकार क्या कदम उठाती है, यह आने वाले दिनों में अहम होगा।