प्रतीक शर्मा, लोरमी। मुंगेली जिले के लोरमी तहसील कार्यालय में बीते डेढ़ महीने से न्यायिक कामकाज पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है। तहसील कोर्ट में पदस्थ शिक्षकों व लिपिकों को वापस उनके मूल विभागों में भेजे जाने के बाद से रीडर की भारी कमी हो गई है, जिससे न तो नए मामलों की सुनवाई हो पा रही है और न ही अगली पेशी की तारीख मिल रही है। इस गंभीर प्रशासनिक संकट से क्षुब्ध होकर अधिवक्ता संघ लोरमी ने बुधवार को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर तत्काल व्यवस्था सुधारने की मांग की है। अधिवक्ता संघ लोरमी के अध्यक्ष संजय त्रिपाठी के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को तीन अलग-अलग गंभीर समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा।

रीडर नहीं होने से डेढ़ माह से बंद है तहसील कोर्ट का काम
अधिवक्ता संघ ने अपने ज्ञापन में लिखा है कि तहसील कोर्ट लोरमी में पूर्व में संलग्न शिक्षकों और लिपिकों को उनके मूल स्थान (स्कूलों व अन्य विभागों) में वापस बुला लिया गया है। इस कारण पिछले लगभग डेढ़ महीने से न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी तरह ठप है। अधिवक्ताओं का कहना है कि दूर-दराज के गांवों से आने वाले पक्षकार दिनभर भटक कर बिना किसी सुनवाई के वापस लौटने को मजबूर हैं। संघ ने मांग की है कि तहसील न्यायालय लोरमी में तुरंत नियमित रीडर की व्यवस्था की जाए, ताकि न्यायिक प्रकरणों का निस्तारण शुरू हो सके।
वर्ष 2018 से अटका है सब-ट्रेजरी का मुद्दा
लोरमी में सब-ट्रेजरी ऑफिस खोले जाने की मांग पिछले 8 सालों से लटकी हुई है। अधिवक्ताओं ने बताया कि लोरमी में 1982 में तहसील कोर्ट,1984 में एसडीएम कोर्ट और लंबे अंतराल के बाद व्यवहार न्यायालय की स्थापना हुई। लेकिन सब-ट्रेजरी न होने के कारण आज भी कोर्ट फीस, स्टाम्प और टिकटों के लिए जिला मुख्यालय मुंगेली पर निर्भर रहना पड़ता है। वर्ष 2018 और 2019 में मुख्यमंत्री सचिवालय व कलेक्टर कार्यालय से पत्राचार होने के बावजूद अब तक उप-कोषालय की स्थापना नहीं हो सकी है, जिससे आम जनता को भारी असुविधा हो रही है।
टिन-टपरी में बैठने को मजबूर वकील, भवन की मांग
तहसील परिसर लोरमी में रोजाना 300 से 500 पक्षकार और नागरिक पहुंचते हैं, लेकिन अधिवक्ताओं के बैठने व कार्य करने के लिए कोई स्थायी व सुविधाजनक भवन नहीं है। लगभग 50 से अधिक महिला व पुरुष वकील टिन-टपरी और खुले आसमान के नीचे बैठने को मजबूर हैं। परिसर में शौचालय एवं पेजयल जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी नितांत अभाव है। अधिवक्ता संघ ने कलेक्टर से मांग की है कि अधिवक्ताओं और आम जनता की सुविधा के लिए तहसील परिसर में 50 लाख रुपये की लागत से सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवन की राशि तत्काल स्वीकृत की जाए।
कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपते समय अधिवक्ता संघ लोरमी के अध्यक्ष संजय त्रिपाठी,सुरेश सिंह क्षत्रिय, किशन कुमार देवांगन, भुवनेश्वर प्रसाद कश्यप,जितेंद्र सिंह ठाकुर,महेंद्र सिंह,अजय तिवारी, रामेश्वर कुलमित्र सहित अन्य अधिवक्तागण प्रमुख रूप से मौजूद थे।
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