Automobile Desk : भारतीय ऑटो बाजार के लिए पिछला महीना यानी अगस्त उम्मीदों से कहीं ज्यादा बेहतर साबित हुआ है। गाड़ियों के शोरूम से लेकर सड़कों तक हर तरफ नई गाड़ियों की मांग में एक नया उछाल देखा गया। कार, बाइक और थ्री-व्हीलर—तीनों ही बड़े सेगमेंट्स में ग्राहकों की तरफ से जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली है। सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के ताजा आंकड़े बताते हैं कि अगस्त के महीने में व्हीकल डिस्पैच के पुराने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त हो चुके हैं। इस बार कंपनियों ने डीलर्स को जितने वाहन भेजे हैं, वो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा बन गया है।

सबसे ज्यादा सरप्राइजिंग और मजबूत परफॉर्मेंस पैसेंजर व्हीकल यानी कारों के सेगमेंट में रही। बीते अगस्त में पैसेंजर व्हीकल्स का डिस्पैच सालाना आधार पर 36.5 प्रतिशत बढ़कर 4.39 लाख यूनिट के पार निकल गया। अगर पिछले साल के इसी महीने से तुलना करें, तो तब यह आंकड़ा महज 3.21 लाख यूनिट के आसपास था। यानी सिर्फ एक साल के भीतर कारों की सप्लाई में एक तिहाई से भी ज्यादा का उछाल दर्ज किया गया है, जो इस बात का सीधा संकेत है कि लोग नई कारें खरीदने में काफी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

टू-व्हीलर यानी दोपहिया वाहनों के बाजार में भी सुस्ती खत्म होती नजर आ रही है। अगस्त के दौरान कुल टू-व्हीलर डिस्पैच 10.5 फीसदी बढ़कर 20.34 लाख यूनिट के पार पहुंच गया। खास बात यह रही कि इस पूरे सेगमेंट को रफ्तार देने में स्कूटर्स की सबसे बड़ी भूमिका रही। स्कूटर्स की बिक्री में 23.8 प्रतिशत की भारी तेजी आई और यह 8.55 लाख यूनिट के पार पहुंच गई। दूसरी ओर, मोटरसाइकिलों की मांग में भी हल्की बढ़त देखी गई और यह 2.4 फीसदी की ग्रोथ के साथ 11.33 लाख यूनिट रही। वहीं, मोपेड की बिक्री में भी 4.7 परसेंट का सुधार दर्ज किया गया।

कमर्शियल और पर्सनल इस्तेमाल के लिए थ्री-व्हीलर गाड़ियों का मार्केट भी पीछे नहीं रहा। इस सेगमेंट ने 22.8 फीसदी की ग्रोथ हासिल करते हुए 93,764 यूनिट्स का आंकड़ा छुआ। लोगों की आवाजाही के लिए इस्तेमाल होने वाले पैसेंजर कैरियर्स में 22.4 प्रतिशत का इजाफा हुआ, जबकि सामान ढोने वाले गुड्स कैरियर्स की मांग में लगभग 35 फीसदी का बड़ा उछाल देखने को मिला। हालांकि, इस पूरे सकारात्मक माहौल के बीच ई-रिक्शा और ई-कार्ट के सेगमेंट में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई, जहां मांग पिछले साल के मुकाबले कुछ सुस्त रही।

अगर कुल मैन्युफैक्चरिंग की बात करें, तो अगस्त के महीने में देश के अंदर 31.57 लाख से ज्यादा गाड़ियों का प्रोडक्शन हुआ। इसमें पैसेंजर गाड़ियां, टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर और क्वाड्रिसाइकिल शामिल हैं। हालांकि, इसमें बीएमडब्ल्यू, मर्सिडीज-बेंज, जगुआर लैंड रोवर और वोल्वो जैसे लग्जरी ब्रांड्स के साथ-साथ टाटा मोटर्स का प्रोडक्शन डेटा पूरी तरह शामिल नहीं था, लेकिन टाटा के घरेलू डिस्पैच को ओवरऑल आंकड़ों में जोड़ा गया है।

इंडस्ट्री के जानकारों और SIAM के प्रतिनिधियों का मानना है कि ऑटो सेक्टर में यह रिकवरी और ग्रोथ का दौर फिलहाल जारी रहने वाला है। हालांकि, आंकड़ों में आई इस बड़ी तेजी के पीछे एक वजह पिछले साल का कम बेस भी रहा है, लेकिन इसके बावजूद मार्केट का सेंटिमेंट काफी पॉजिटिव है। ग्रामीण इलाकों में सुधरती मांग, बैंकों से आसानी से मिल रहा लोन, ग्राहकों का भरोसा और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) की तरफ बढ़ता रुझान इस पूरी ग्रोथ को सपोर्ट कर रहा है। आने वाले समय में जैसे-जैसे त्योहारी सीजन करीब आएगा, शोरूम्स पर गाड़ियों की बुकिंग और डिलीवरी का यह सिलसिला और भी ज्यादा तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है।