प्रमोद कुमार/कैमूर/बेलाव। बिहार के कैमूर जिले के बेलाव थाना अंतर्गत खजुरा सरैया टोला स्थित काली मंदिर नहर के समीप रविवार की शाम हुई एक छोटी सी कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। बच्चों के नहर में नहाने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते दो गांवों के बीच खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। इस घटना में कुल 18 लोग घायल हुए है जबकि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 16 लोगों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
विवाद की जड़ और हिंसक झड़प
घटना के अनुसार रविवार की शाम सरैया टोला और सोनवर्षा गांव के बच्चों के बीच नहर में नहाने को लेकर मामूली विवाद हुआ था। यह विवाद जल्द ही बड़ों तक पहुंच गया और दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने हो गए। देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई और दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडों, ईंट और पत्थरों से जमकर मारपीट हुई। इस संघर्ष में महिला, पुरुष और युवा समेत कुल 18 लोग बुरी तरह जख्मी हो गए।
रेस्क्यू और चिकित्सा सहायता
घटना की सूचना मिलते ही बेलाव थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तत्काल रामपुर पीएचसी (PHC) पहुंचाया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल पांच पुरुष और एक महिला को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल भभुआ रेफर कर दिया। राहत की बात यह है कि चिकित्सकों के अनुसार अब सभी घायलों की स्थिति स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
इस मामले में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। सरैया टोला की विगनी देवी ने 20 लोगों को नामजद किया है वहीं सोनवर्षा गांव की प्रमिला देवी ने 14 नामजद और 15 अज्ञात लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है। बेलांव प्रभारी थानाध्यक्ष रोमा कुमारी ने बताया कि बेलाव, करमचट और भगवानपुर थानों की पुलिस ने संयुक्त रूप से छापेमारी अभियान चलाया। इस कार्रवाई में पुलिस ने दोनों पक्षों से कुल 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिनमें 9 सोनवर्षा और 7 सरैया टोला के निवासी हैं। सभी आरोपियों को सोमवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
पुलिस की अपील और आगे की कार्रवाई
थानाध्यक्ष रोमा कुमारी ने स्पष्ट किया कि कुल 34 लोगों को नामजद आरोपित बनाया गया है। शेष बचे आरोपियों की धर-पकड़ के लिए पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस प्रशासन ने ग्रामीणों से धैर्य रखने की अपील करते हुए आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कठोर विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

