प्रमोद कुमार/मोहनियां/कैमूर। जिले के मोहनियां थाना अंतर्गत बरेज गांव में हुए चर्चित चांदनी हत्याकांड को 10 महीने बीत चुके हैं लेकिन मोहनियां पुलिस अब तक इस मामले की गुत्थी सुलझाने में पूरी तरह नाकाम रही है। न तो हत्या के कारणों का पता चल सका है और न ही अब तक किसी आरोपी की पहचान हो पाई है। पीड़ित परिवार न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है।
क्या है पूरा मामला?
घटना 27 सितंबर 2025 की है। मृतक चांदनी देवी के पति प्रजापति मिश्रा ने बताया कि वह शारदीय नवरात्रि के दौरान चैनपुर स्थित हरसु ब्रह्म धाम में यजमानों के साथ पूजा-पाठ कराने गए थे। घर पर उनकी पत्नी अकेली थी। 29 सितंबर को जब उनकी साली ने फोन किया और दीदी के फोन न उठाने की जानकारी दी तो उन्होंने भी कई बार संपर्क करने की कोशिश की। जवाब न मिलने पर जब वे घर पहुंचे तो पत्नी नहीं मिली। इसके दो दिन बाद घर के स्टोर रूम से दुर्गंध आने पर उन्होंने बोरी में बंद अपनी पत्नी का क्षत-विक्षत शव बरामद किया।
पति की आपबीती और पुलिस की सुस्ती
घटना के तत्काल बाद प्रजापति मिश्रा ने अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इतने लंबे समय के बावजूद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। आज मोहनियां एसडीपीओ गोपाल कृष्ण मामले की जांच के सिलसिले में बरेज गांव पहुंचे। पीड़ित ने एसडीपीओ के सामने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि 10 महीने बीत जाने के बाद भी उन्हें इंसाफ की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है।
पुलिस का क्या है कहना?
हालात की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ गोपाल कृष्ण ने आश्वासन दिया है कि मामले की गहन जांच की जा रही है। एसडीपीओ ने स्पष्ट किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिल चुकी है लेकिन कुछ अहम फोरेंसिक रिपोर्ट अभी पटना से आनी शेष है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि जैसे ही शेष रिपोर्ट प्राप्त होती है पुलिस इस हत्याकांड की तह तक पहुंचकर अपराधियों को जल्द गिरफ्तार कर लेगी।
बहरहाल एक महिला की घर के भीतर हुई ऐसी वीभत्स हत्या ने पूरे इलाके में दहशत पैदा कर दी है। स्थानीय लोग अब इस मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि मृतका को न्याय मिल सके।

