राकेश कथूरिया, कैथल. सांसद नवीन जिंदल ने कहा कि अधिकारी सरकार द्वारा संचालित की जा रही योजनाओं को जमीनी स्तर पर क्रियान्वित करवाएं। सड़क हो या अन्य कोई विकास कार्य उसके निर्माण में गुणवता का ध्यान रखें। अच्छा करेंगे तो अच्छा दिखेगा। इसलिए तय समय में परियोजनाओं को पूरा करवाएं। दिशा बैठक में दिए गए प्रत्येक निर्देश का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए तथा विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए, ताकि योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाया जा सके। अधिकारी जो समय सीमा किसी कार्य के पूरा होने की बता रहे हैं, इस समय सीमा के बाद इस कार्य की निगरानी की जाएगी।

सांसद नवीन जिंदल ने बुधवार को जिला विकास, समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दे रहे थे। बैठक के दौरान केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं और परियोजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिले में सभी 25 खेल स्टेडियम का आधुनिकीकरण किया जाएगा। जिसमें सरकार द्वारा जो सुविधाएं दी जाएंगी। आवश्यकता हुई तो वे अपने स्तर पर भी सुविधाएं स्टेडियम में मुहैया करवाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बैठक के ठोस और सकारात्मक परिणाम दिखाई देने चाहिए। सरकार विकास कार्यों के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराती है, इसलिए अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक कार्य निर्धारित मानकों और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा हो। यदि अधिकारी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ कार्य करेंगे तो विकास कार्यों में निश्चित रूप से सुधार दिखाई देगा। सांसद ने कहा कि विभिन्न सड़क परियोजनाओं की समीक्षा की गई। कैथल-चीका रोड के संदर्भ में अधिकारियों ने सड़क को चलने लायक बताया। इसके बाद सड़क की खराब हालत की जानकारी मिलने पर सांसद ने सख्त निर्देश दिए कि कैथल से चीका तक इस सड़क की स्थिति का पता लगाकर उन्हें रिपोर्ट दी जाए। उन्होंने इस सड़क की वीडियोग्राफी करवाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस सड़क की स्थिति में जल्द सुधार किया जाए। लोगों को आवागमन में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।

मीडिया से बातचीत करते हुए सांसद नवीन जिंदल ने कहा कि कुरूक्षेत्र में एलिवेटेड रेलवे ट्रैक बन कर तैयार हो गया है। इसी तर्ज पर कैथल में भी एलिवेटेड रेलवे ट्रैक बनवाने के लिए पूरा प्रयास किया जाएगा। यहां के लोग नहीं चाहते कि आरओबी बने। उनका कहना है कि आरओबी बनने से उन्हें परेशानी होगी। इसलिए जन भावनाओं का ध्यान रखते हुए एलिवेटेड रेलवे ट्रैक बनवाने का पूरा प्रयास करेंगे।