कानपुर के महाराजपुर क्षेत्र में महिला की संदिग्ध मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने हाईवे पर शव रखकर प्रदर्शन किया. जाम खुलवाने पहुंची पुलिस पर पथराव में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को हटाया.
कानपुर. जिले के महाराजपुर थाना क्षेत्र के लालपुर गांव में महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद रविवार को मामला गरमा गया. पोस्टमॉर्टम के बाद शव घर पहुंचने से पहले ही आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शाम करीब 5:45 बजे कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया और प्रदर्शन शुरू कर दिया.
जाम की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और रास्ता खुलवाने का प्रयास किया. इसी दौरान भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया. घटना में महाराजपुर और चकेरी थाने के दो इंस्पेक्टर तथा एक दरोगा घायल हो गए. घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
शव पहुंचते ही बढ़ा विवाद
पोस्टमॉर्टम के बाद रविवार शाम परिजन शव लेकर घर की ओर जा रहे थे. इसी दौरान मायके और ससुराल पक्ष के बीच विवाद हो गया. मायके पक्ष ने आरोप लगाया कि पुलिस ने ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद लोगों ने हाईवे पर शव रखकर रास्ता रोक दिया.
मृतका के चचेरे भाई शनि के मुताबिक, करीब आठ साल पहले माला की शादी लालूखेड़ा गांव निवासी मुन्ना निषाद से हुई थी. दोनों के दो बच्चे हैं, जिनमें बेटा रुद्रा और बेटी वैष्णवी शामिल हैं.
शनि ने बताया कि शनिवार दोपहर माला की तबीयत खराब थी. वह उसे दवा दिलाने के बाद करीब तीन बजे ससुराल छोड़कर आया था. इसके करीब एक घंटे बाद पति मुन्ना ने फोन कर बताया कि माला ने फांसी लगा ली है.
मायके पक्ष ने लगाए आरोप
मृतका के भाई शनि ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही मुन्ना उसकी बहन के साथ मारपीट और प्रताड़ना करता था. मायके पक्ष का दावा है कि मारपीट के बाद माला की हत्या कर उसके शव को फंदे से लटका दिया गया.
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि मुन्ना का किसी अन्य युवती से संबंध था. उनके मुताबिक, इसी वजह से वह माला के साथ लगातार मारपीट करता था और उसे जान से मारने की धमकी भी देता था.
मायके पक्ष ने यह आरोप भी लगाया कि माला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी, इसके बावजूद ससुराल वालों ने उसका उचित इलाज नहीं कराया. परिजनों का कहना है कि इन्हीं विवादों के चलते उसकी हत्या की गई.
पति ने दी अलग सफाई
मृतका के पति मुन्ना ने आरोपों से अलग अपना पक्ष रखा. उसका कहना है कि माला करीब दो साल से मानसिक रूप से बीमार थी और उसका इलाज चल रहा था.
मुन्ना के मुताबिक, शनिवार को दोनों के बीच किसी तरह का विवाद नहीं हुआ था. उसने दावा किया कि माला ने खुद फांसी लगाकर आत्महत्या की.
पथराव के बाद लाठीचार्ज
चकेरी एसीपी आशुतोष कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस पर पथराव और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ने अधिकारियों के निर्देश पर हल्का बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज किया और भीड़ को वहां से हटाया.
इसके बाद हाईवे पर लगा जाम खुलवाया गया. पुलिस की मौजूदगी में परिजन शव को घर लेकर गए.
एसीपी ने कहा कि मामले की जांच जारी है. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पथराव करने वालों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी.


