कांवड़ यात्रा 2026 के अवसर पर उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद के 17 शिवभक्त हरिद्वार से 251 फीट लंबी तिरंगा कांवड़ लेकर अपने गांव के लिए पैदल रवाना हुए हैं। भारतीय सेना के शौर्य और बलिदान को समर्पित यह विशाल कांवड़ श्रद्धालुओं के बीच विशेष कौतूहल और आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
मुजफ्फरनगर। कांवड़ यात्रा 2026 के दौरान हरिद्वार से लेकर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों तक शिवभक्ति के साथ राष्ट्रभक्ति का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में बागपत जिले के 17 शिवभक्तों का एक दल 251 फीट लंबी और करीब 11 फीट ऊंची विशाल तिरंगा कांवड़ लेकर हरिद्वार से अपने पैतृक गांव के लिए पैदल आगे बढ़ रहा है। मुजफ्फरनगर मार्ग से गुजर रही यह तिरंगा कांवड़ रास्ते में मिलने वाले अन्य श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों के बीच विशेष आकर्षण एवं चर्चा का विषय बनी हुई है।
2 अगस्त को हरिद्वार से उठाया जल
तिरंगा कांवड़ लेकर चल रहे बागपत निवासी शिवभक्त रवि कुमार ने बताया कि उनके दल में कुल 17 सदस्य शामिल हैं। सभी कांवड़िए 2 अगस्त को उत्तराखंड के हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए थे। लगभग 8 से 10 दिनों की इस पैदल यात्रा को पूरा करने के बाद यह जत्था 11 अगस्त को बागपत पहुंचेगा, जहां वे अपने गांव कुरड़ी में स्थित शिव मंदिर में पूर्ण विधि-विधान के साथ भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे।
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भारतीय सेना के शौर्य को समर्पण
रवि कुमार के अनुसार, इस 251 फीट लंबी तिरंगा कांवड़ को तैयार कर ले जाने का मुख्य ध्येय भारतीय सेना के अप्रतिम शौर्य, त्याग और अमर बलिदान को नमन करना है। वे इस माध्यम से युवा पीढ़ी में देशभक्ति का जज्बा जगाने और सरहद पर तैनात वीर जवानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का संदेश दे रहे हैं। यात्रा मार्ग में जगह-जगह लोग इस अनोखी कांवड़ के साथ तस्वीरें और वीडियो बनाकर अपनी खुशी और आस्था जाहिर कर रहे हैं। कांवड़ियों ने यात्रा के दौरान पुलिस-प्रशासन की ओर से की गई सुरक्षा व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं की भी सराहना की।


