करनाल 6 अगस्त. शहर के सभी पार्कों का उचित रख-रखाव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नगर निगम आयुक्त सलोनी शर्मा ने बागवानी शाखा के अधिकारियों तथा पार्कों के रख-रखाव का कार्य कर रही एन.जी.ओ, नेचरपल्स फाउंडेशन एवं ओलीवेल फेडरेशन के प्रतिनिधियों की बैठक लेकर विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने पार्कों के रख-रखाव में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी 7 दिनों के भीतर सभी पार्कों की स्थिति में स्पष्ट सुधार दिखाई देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पार्क केवल हरियाली बढ़ाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक गतिविधियों के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। शहरवासियों को स्वच्छ, सुंदर एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना नगर निगम की प्राथमिकता है और इसके लिए सभी पार्कों का बेहतर रख-रखाव आवश्यक है।

छोटा हो या बड़ा, हर पार्क में दिखनी चाहिए बेहतर व्यवस्था।

नगर निगम आयुक्त ने एन.जी.ओ. प्रतिनिधियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सभी पार्कों का समान रूप से रख-रखाव किया जाए। बड़े पार्कों पर ध्यान देने के साथ-साथ छोटे पार्कों की भी नियमित साफ-सफाई, घास कटिंग एवं पौधों की देखभाल सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पार्कों की स्थिति ऐसी होनी चाहिए कि नागरिकों को शिकायत करने की आवश्यकता ही न पड़े। शिकायत आने का इंतजार करने के बजाय नियमित निरीक्षण और समयबद्ध कार्रवाई की संस्कृति अपनाई जाए।

मुख्य पार्कों में स्थायी मैनपावर, प्रत्येक पार्क के लिए बने कार्य योजना।

बैठक के दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि प्रमुख एवं बड़े पार्कों में स्थायी मैनपावर तैनात की जाए, जबकि छोटे पार्कों के लिए भी नियमित कार्य योजना बनाई जाए। प्रत्येक पार्क के अनुसार आवश्यक मशीनरी एवं मैनपावर उपलब्ध कराई जाए तथा कार्य का प्रभावी ढंग से निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि पार्कवार विस्तृत वर्क प्लान तैयार कर कार्यकारी अभियंता को सौंपा जाए, ताकि प्रत्येक पार्क में किए जा रहे कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग हो सके और निर्धारित समय सीमा में सुधार दिखाई दे।

सुपरवाइजर नियमित करें निरीक्षण, खामियां मिलते ही करें सुधार।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं एन.जी.ओ. को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से पार्कों का दौरा करें और किए गए कार्यों का भौतिक निरीक्षण करें। यदि किसी पार्क में साफ-सफाई, पौधों की देखभाल, घास कटिंग, सिंचाई अथवा अन्य कार्यों में कोई कमी दिखाई दे, तो उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए। गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं होगी।
बैठक में उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पार्कों की देखरेख में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि निरीक्षण के दौरान किसी पार्क में निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य नहीं पाया गया तो संबंधित एन.जी.ओ. के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

नगर निगम क्षेत्र में 214 पार्कों का हो रहा रख-रखाव।

उन्होंने जानकारी देते बताया कि नगर निगम क्षेत्र में कुल 214 पार्क हैं। इनमें से 101 पार्क नेचरपल्स फाउंडेशन, 31 पार्क ओलीवेल फेडरेशन, 45 पार्क विभिन्न नागरिक कल्याण संघों (आरडब्ल्यूए) तथा 37 पार्क विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों को रख-रखाव के लिए दिए गए हैं।
इन पार्कों में पेड़-पौधों की नलाई-गुड़ाई, ट्रिमिंग, घास कटिंग, सिंचाई, खाद डालना, मौसमी पौधे लगाना, नियमित साफ-सफाई एवं अन्य बागवानी कार्य किए जाते हैं। नगर निगम द्वारा सभी पार्कों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि प्रत्येक पार्क स्वच्छ, हरा-भरा, सुरक्षित और नागरिकों के उपयोग के अनुरूप विकसित एवं व्यवस्थित बना रहे।

पार्कों से नागरिकों को मिलते हैं अनेक लाभ।

निगमायुक्त ने कहा कि अच्छी तरह विकसित और व्यवस्थित पार्क नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाते हैं। सुबह-शाम टहलने, योग एवं व्यायाम करने वाले लोगों को स्वच्छ वातावरण मिलता है, वहीं बच्चों को खेलने के लिए सुरक्षित स्थान उपलब्ध होता है। बुजुर्गों के लिए पार्क सामाजिक मेलजोल और स्वास्थ्य संवर्धन का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि पार्क शहर के तापमान को संतुलित रखने, वायु गुणवत्ता में सुधार करने, जैव विविधता को बढ़ावा देने तथा प्रदूषण कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

हरियाली बढऩे से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ शहर की सुंदरता भी बढ़ती है और नागरिकों को बेहतर जीवन परिवेश मिलता है। बैठक में कार्यकारी अभियंता प्रियंका सैनी, सहायक अभियंता मनीष अग्रवाल तथा कनिष्ठï अभियंता संदीप ढींगड़ा मौजूद रहे।