लक्ष्य वर्मा, करनाल। करनाल जिले में फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिले में संचालित करीब 170 होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में से केवल 20 संस्थानों के पास ही फायर विभाग की वैध एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) है। बाकी संस्थान या तो बिना एनओसी के चल रहे हैं या फिर उन्होंने फायर सुरक्षा से जुड़े आवश्यक मानकों को पूरा नहीं किया है।

जिला अग्निशमन अधिकारी दीपक शर्मा ने बताया कि विभाग द्वारा ऐसे संस्थानों को कई बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं। वर्ष 2024 के आंकड़ों के अनुसार 122 होटल, ढाबा और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नोटिस दिए गए हैं। तीन बार नोटिस जारी होने के बाद भी नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की जा सकती है। इसके लिए उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है और आदेश मिलते ही कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।

अधिकारी के अनुसार कई होटल और रेस्टोरेंट ऐसे हैं जिनके भवनों के नक्शे स्वीकृत नहीं हैं, कुछ के पास सीएलयू (चेंज ऑफ लैंड यूज) की अनुमति नहीं है, जबकि कई संचालकों ने आवश्यक दस्तावेज पूरे ही नहीं किए हैं। ऐसे में फायर विभाग उन्हें एनओसी जारी नहीं कर सकता।

वहीं जिले में आग जैसी आपात स्थितियों से निपटने को लेकर अग्निशमन विभाग ने अपनी तैयारियों का दावा किया है। जिला अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि पूरे करनाल जिले में विभाग के पास 18 छोटी-बड़ी फायर टेंडर गाड़ियां उपलब्ध हैं। गर्मी के मौसम को देखते हुए कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं और सभी कर्मी अपनी ड्यूटी पर तैनात हैं।

हालांकि, बड़ी संख्या में होटल और ढाबों का बिना फायर एनओसी के संचालन सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे के बाद ही सख्त कार्रवाई करेगा या फिर समय रहते नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।

इस मामले में जिला प्रशासन और अग्निशमन विभाग की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।