करनाल। प्रॉपर्टी आईडी में सुधार के नाम पर कथित रिश्वतखोरी और नगर निगम में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर मंगलवार को कांग्रेस ने करनाल में जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ता जुलूस के रूप में नगर निगम कार्यालय पहुंचे, लेकिन मुख्य गेट पर तैनात पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर निगम प्रशासन का पुतला फूंका और 500-500 रुपये के नकली नोट हवा में उड़ाकर अनोखे अंदाज में अपना विरोध दर्ज कराया। कार्यकर्ताओं के हाथों में नकली नोटों की गड्डियां भी दिखाई दीं।

रिश्वत लेते क्लर्क की गिरफ्तारी के बाद गरमाया मामला

नगर निगम में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर कांग्रेस का यह प्रदर्शन हाल ही में विजिलेंस की कार्रवाई के बाद और तेज हुआ है। विजिलेंस टीम ने नगर निगम के एक क्लर्क को कथित तौर पर 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।

आरोप है कि क्लर्क ने एक नागरिक से उसकी प्रॉपर्टी आईडी में मामूली त्रुटि ठीक करने के बदले रिश्वत की मांग की थी। इसी मामले को लेकर कांग्रेस ने नगर निगम प्रशासन पर सवाल खड़े करते हुए कार्रवाई और व्यवस्था में सुधार की मांग की।

नगर निगम गेट पर पुलिस से हुई धक्का-मुक्की

कांग्रेस कार्यकर्ता जब निगम कार्यालय के मुख्य गेट पर पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।

हालांकि, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निगम प्रशासन के खिलाफ अपना प्रदर्शन जारी रखा और गेट पर ही पुतला फूंककर नारेबाजी की।

पराग गाबा और रजत लाठर ने साधा निशाना

प्रदर्शन की अगुवाई वरिष्ठ कांग्रेस नेता पराग गाबा और रजत लाठर ने की। नेताओं ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि आम लोगों को अपनी जायज फाइलों और प्रॉपर्टी आईडी से जुड़े कामों के लिए बार-बार निगम कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

कांग्रेस नेताओं ने तंज कसते हुए कहा कि अगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों का पेट रिश्वत से ही भरता है तो पैसे छिपकर मांगने की बजाय खुलेआम मांगने चाहिए। इसी तंज के साथ प्रदर्शनकारियों ने 500-500 रुपये के नकली नोट निगम कार्यालय के गेट के भीतर हवा में उछाले।

कांग्रेस का आरोप- छोटी-छोटी गलतियां सुधारने के भी लगते हैं पैसे

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि नगर निगम में आम जनता को छोटी-छोटी गलतियों को ठीक कराने के लिए भी परेशान होना पड़ता है। उनका दावा है कि प्रॉपर्टी आईडी समेत कई कामों को लेकर लोगों को लंबे समय तक कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं और कथित तौर पर हर काम के लिए अलग-अलग रकम की मांग की जाती है।

कांग्रेस ने नगर निगम प्रशासन से कथित भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई करने और आम लोगों के काम पारदर्शी तरीके से करने की मांग की है।