करनाल के घरौंडा में प्रस्तावित पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा आयोजन समिति में आंतरिक कलह और 70 लाख के भुगतान विवाद के कारण संकट में है, जिसे बचाने के लिए अब सामाजिक संगठन आगे आए हैं।

करनाल। पंडित प्रदीप मिश्रा की बहुचर्चित शिव महापुराण कथा को लेकर बड़ा सस्पेंस खड़ा हो गया है। 17 से 23 मई तक घरौंडा की नई अनाज मंडी में प्रस्तावित कथा शुरू होने में अब केवल दो दिन शेष बचे हैं, लेकिन आयोजन समिति के भीतर विवाद और आर्थिक खींचतान के कारण पूरा आयोजन संकट में आ गया है। कथा रद्द होने की खबर के बाद श्रद्धालुओं और धार्मिक संगठनों में भी हलचल तेज हो गई है।

सूत्रों के अनुसार आयोजन समिति और टेंट ऑपरेटर के बीच करीब 70 लाख रुपए के भुगतान को लेकर विवाद सामने आया है। टेंट पक्ष ने भुगतान न मिलने के आरोप लगाए हैं, जबकि आयोजन समिति के भीतर भी मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। इसी बीच कथा में प्रवेश पर्चियों और कथित भारी शुल्क को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्म है, जिससे विवाद और बढ़ गया।

हालांकि, मामला केवल विवाद तक सीमित नहीं रहा। अब कई धर्म प्रेमी और सामाजिक संगठन कथा को दोबारा करवाने के प्रयासों में जुट गए हैं। स्थानीय राजपूत समाज सहित कई लोगों ने आगे आकर आर्थिक सहयोग देने की बात कही है, ताकि श्रद्धालुओं की आस्था बनी रहे और शिव महापुराण कथा का आयोजन फिर से संभव हो सके।

उधर, आयोजन समिति के कुछ सदस्यों ने दावा किया है कि जिन श्रद्धालुओं ने पर्चियां कटवाई थीं, उनके पैसे वापस किए जाएंगे। वहीं दूसरी ओर पूरे करनाल और आसपास के क्षेत्रों में अब यही चर्चा है कि क्या अंतिम समय में विवाद सुलझ पाएगा और पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा दोबारा पटरी पर लौट पाएगी या नहीं।