सुमन चौहान , करनाल। आयोजित प्रिंसिपल कॉन्क्लेव में हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि गरीबी बच्चों के सपनों के रास्ते में बाधा नहीं बननी चाहिए। हर बच्चे को सही मार्गदर्शन और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराना सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आज के बच्चे ही 2047 के विकसित भारत की नींव हैं। बच्चे किसी भी जाति या परिवार से हों, उनके स्वावलंबी बनने से देश आगे बढ़ेगा।

हरविन्द्र कल्याण गुरुवार को कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के सभागार में जिला प्रशासन की ओर से आयोजित प्रिंसिपल कॉन्क्लेव में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य को देश की प्रगति से जोड़कर देखें तो इसमें शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण हो जाती है।

शिक्षकों की भूमिका को बताया अहम

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि अपनी समस्याओं के बावजूद दूसरों की समस्याओं को दूर करना और बच्चों के बेहतर भविष्य के बारे में सोचना आसान काम नहीं है। उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र के साथ मलिन बस्तियों के बच्चों के लिए काम करने और करियर काउंसलिंग जैसे कार्यक्रम शुरू करने के लिए जिला उपायुक्त की सराहना की।

उन्होंने कहा कि इंसान परमपिता परमात्मा की सबसे खूबसूरत रचना है। बच्चों को बड़ा होकर अच्छा इंसान बनाना और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने का रास्ता दिखाना शिक्षकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। सही मार्गदर्शन बच्चों के जीवन की दिशा बदल सकता है।

‘ज्ञान ही शक्ति है’

हरविन्द्र कल्याण ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के कथन का उल्लेख करते हुए कहा कि ज्ञान ही शक्ति है। उन्होंने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का उदाहरण देते हुए कहा कि वैज्ञानिक से लेकर राष्ट्रपति पद तक का सफर उनकी उपलब्धि और क्षमता को दिखाता है।

उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि दोनों गरीब परिवारों से आए, लेकिन मेहनत के बल पर देश के शीर्ष पदों तक पहुंचे।

बच्चों में असीमित क्षमता

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि बच्चों में असीमित क्षमता होती है। जनसुनवाई के दौरान कई बार ऐसे बच्चे उनके सामने आते हैं, जिनके अभिभावकों की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे आगे की पढ़ाई जारी नहीं रख पाते।

उन्होंने कहा कि कुछ बच्चे स्कूल की दूरी को भी आगे की पढ़ाई में परेशानी बताते हैं। ऐसे में संसाधनों की कमी के कारण बच्चों की क्षमता प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि कई बार झिझक के कारण बच्चे अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल नहीं कर पाते। इसलिए स्कूलों में ऐसा माहौल तैयार करना जरूरी है, जहां बच्चों की झिझक दूर हो और वे अपनी प्रतिभा को खुलकर सामने ला सकें।

जनप्रतिनिधियों को भी सक्रिय होने की अपील

विधानसभा अध्यक्ष ने सांसदों और विधायकों के साथ पंच, सरपंच और पार्षदों को भी बच्चों के विकास के लिए ज्यादा सक्रिय होने की जरूरत बताई। उन्होंने विधायकों से शिक्षकों और प्रशासन को सहयोग देने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि बच्चों में ऐसे संस्कार और भाव विकसित किए जाने चाहिए, जिससे वे अपनी रुचि के अनुसार शिक्षक, श्रेष्ठ नागरिक, नेता, किसान या वैज्ञानिक बनने की दिशा में आगे बढ़ सकें।

बच्चों में प्रतिभा समान: रामकुमार कश्यप

इंद्री के विधायक और मुख्य चीफ व्हीप रामकुमार कश्यप ने कहा कि सभी बच्चों में प्रतिभा समान होती है। उन्होंने प्राचार्यों से स्वच्छता, पर्यावरण और बच्चों के स्वास्थ्य पर ध्यान देने की अपील की।

उन्होंने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जानी चाहिए। सरकारी स्कूलों का लक्ष्य निजी स्कूलों से बेहतर शिक्षा देने का होना चाहिए। उन्होंने बच्चों को मोबाइल का कम इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करने और अधिकारों के साथ कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने की बात कही।

कश्यप ने स्कूल परिसरों और आसपास के खाली स्थानों पर अधिक से अधिक पौधे लगाने की भी अपील की, ताकि वायु गुणवत्ता सूचकांक में सुधार हो सके।

‘बिना पर्ची-खर्ची के नौकरी’ का किया जिक्र

स्थानीय विधायक जगमोहन आनंद ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल की ओर से किए गए व्यवस्था परिवर्तन का परिणाम है कि गरीब परिवारों के बच्चे भी बिना पर्ची और बिना खर्ची के अधिकारी बन रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पहले बच्चों के करियर और पढ़ाई को लेकर फैसले अक्सर अभिभावक करते थे। अब समय बदल रहा है और युवा अपने करियर को लेकर खुद निर्णय ले रहे हैं।

करियर काउंसलिंग पर जोर

कार्यक्रम की शुरुआत में जिला शिक्षा अधिकारी रोहतास वर्मा ने जिले की शैक्षिक गतिविधियों की जानकारी दी। पीपीटी के जरिए सरकारी स्कूलों में शुरू किए गए करियर काउंसलिंग कार्यक्रम के बारे में बताया गया।

राजधानी युवा संसद के प्रतिनिधियों ने संस्था के उद्देश्यों और अब तक किए गए कार्यक्रमों की जानकारी दी। उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने प्राचार्यों से करियर काउंसलिंग कार्यक्रम को और उत्साह के साथ आगे बढ़ाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि शिक्षा ऐसा विषय है, जिससे देश का भविष्य जुड़ा हुआ है।

कार्यक्रम में एडीसी डॉ. राहुल रईया, सीएम जीजीए श्रुति मिश्रा, जिले के खंड शिक्षा अधिकारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य अतिथि और अन्य विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिह्न के रूप में पौधे दिए गए।

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