रूद्रप्रयाग। आयुक्त गढ़वाल मंडल आनंद स्वरूप ने आज रुद्रप्रयाग पहुंचकर श्री केदारनाथ धाम यात्रा व्यवस्थाओं और आगामी मानसून सीजन के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने हेतु की गई तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। जिला कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों से यात्रा के दौरान सामने आ रही समस्याओं, चुनौतियों तथा उनके निराकरण हेतु सुझाव भी आयुक्त द्वारा प्राप्त किए गए।
10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
बैठक में जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा ने आयुक्त गढ़वाल को अवगत कराया कि यात्रा प्रारंभ होने के बाद अब तक 10 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के सुगम दर्शन कर चुके हैं। यात्रा अवधि के दौरान एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा कंट्रोल रूम के माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है तथा स्वास्थ्य, विद्युत, पेयजल, परिवहन, सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन से संबंधित सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित की जा रही हैं।
READ MORE: शिक्षा मंत्री पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? CBSE कॉपियों में हुई गड़बड़ी को लेकर सरकार पर भड़के यशपाल आर्य, जानिए क्या कहा?
ईंधन की आवश्यकता अनुसार उपलब्धता सुनिश्चित करें
जिलाधिकारी ने बताया कि यात्रा हेतु गैस सिलेंडर एवं ईंधन की आवश्यकता अनुसार उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। सभी अस्पताल एवं स्वास्थ्य केंद्र पूर्ण रूप से क्रियाशील हैं तथा म्यूल टास्क फोर्स निरंतर कार्यरत है। 8 हजार से अधिक घोड़ा-खच्चरों का पंजीकरण एवं बीमा किया जा चुका है। निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई की जा रही है तथा अतिक्रमण वाले डेरे हटाए गए हैं। पशु चिकित्सालयों में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं रेंडम चेकिंग भी कराई जा रही है।
READ MORE: नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन: CM धामी ने विभिन्न स्पर्धाओं के विजेताओं को दी बधाई, कहा- युवाओं के अदम्य साहस और ऊर्जा का प्रतीक
मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा
बैठक में यात्रा मार्ग पर स्थापित शौचालयों, पेयजल, विद्युत, सोलर लाइट, स्ट्रीट लाइट, शटल सेवा तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। आयुक्त ने विशेष रूप से शौचालयों की स्वच्छता, पर्याप्त सफाई कार्मिकों की तैनाती, सफाई सामग्री एवं पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सेक्टर मजिस्ट्रेटों के माध्यम से नियमित एवं रेंडम निरीक्षण कराने को कहा।
READ MORE: CM धामी ने विभिन्न विभागों में चयनित 276 अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र, कहा- जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें
आयुक्त ने यात्रा के दौरान स्थानीय लोगों की अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने पर बल दिया तथा उरेडा से सोलर लाइट एवं वैकल्पिक ऊर्जा व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि स्थानीय समुदाय की भागीदारी से यात्रा प्रबंधन और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। आपदा प्रबंधन तैयारियों की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने निर्देश दिए कि संभावित आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक राशन सामग्री, ड्राई राशन एवं पकाए जाने वाले राशन के पैकेट अलग-अलग श्रेणियों में तैयार रखे जाएं। इसके साथ ही उन्होंने मद्महेश्वर क्षेत्र सहित अन्य दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्रों में आपदा न्यूनीकरण कार्यों पर भी विशेष चर्चा की।
बैठक में यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं द्वारा शॉर्टकट रास्तों का उपयोग किए जाने की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए ऐसे स्थानों पर स्पष्ट साइनेज, चेतावनी बोर्ड एवं आवश्यक बैरिकेडिंग लगाए जाने के निर्देश दिए गए । इसके साथ ही केदारनाथ के वैकल्पिक ट्रैक रूट पर किए गए कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई तथा आगामी वर्ष की यात्रा में उसके उपयोग की संभावनाओं पर विचार किया गया।

