खगड़िया जिले के एसपी भानु प्रताप सिंह और उनकी पत्नी पूजा सिंह के बीच चल रहा पारिवारिक और घरेलू विवाद लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। अपनी 6 साल की बेटी से मिलने और पति के साथ दोबारा हंसी-खुशी घर बसाने की मांग को लेकर पूजा सिंह अब सीधे खगड़िया स्थित एसपी आवास के बाहर धरने पर बैठ गई हैं। महज तीन दिनों के भीतर उनका यह दूसरा धरना है, जिसने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है।

​पटना के सीएम आवास के बाहर शुरू हुआ था प्रदर्शन

​इससे पहले 1 नवंबर को पूजा सिंह ने न्याय और बेटी से मिलवाने की गुहार लगाते हुए पटना में मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना दिया था। इस दौरान उन्होंने भावुक अपील करते हुए मांग की थी कि उन्हें उनकी मासूम बेटी से मिलवाया जाए। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पटना पुलिस की महिला टीम ने उन्हें समझा-बुझाकर सदर एसडीएम कार्यालय पहुंचाया, जहां अधिकारियों के साथ उनकी करीब दो घंटे तक लंबी बातचीत हुई।

​प्रशासनिक आश्वासन के बाद भी नहीं निकला समाधान

​एसडीएम कार्यालय में हुई बैठक के दौरान पूजा सिंह को आश्वासन दिया गया था कि खगड़िया एसपी को पटना बुलाया जाएगा और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच आमने-सामने बातचीत कराई जाएगी। इस भरोसे के बाद वह बिहार पुलिस मुख्यालय भी पहुंचीं, लेकिन वहां की कार्यप्रणाली से वह बिल्कुल संतुष्ट नजर नहीं आईं। उन्होंने मीडिया के सामने रोते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर उनके पति का पक्ष लेने और झूठा आश्वासन देने का गंभीर आरोप लगाया।

​तलाक नहीं, परिवार के साथ जीना चाहती हूं

​पूजा सिंह का कहना है कि वह अपने पति से किसी भी तरह का कानूनी अलगाव या तलाक नहीं चाहती हैं। उनका एकमात्र उद्देश्य अपने बिखरे हुए परिवार को दोबारा जोड़ना है। उनका आरोप है कि पिछले 8-9 महीनों से उन्हें उनकी 6 साल की बेटी से मिलने तक नहीं दिया जा रहा है, जिसके कारण वह मजबूर होकर लगातार धरने और अनशन का रास्ता अपनाने को विवश हैं।

​महिला आयोग की शिकायत से गरमाया मामला

​यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब पूजा सिंह ने सबसे पहले बिहार राज्य महिला आयोग में आईपीएस पति भानु प्रताप सिंह के खिलाफ उत्पीड़न और मारपीट के आरोप लगाते हुए औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। आयोग के समन जारी करने के बाद खगड़िया एसपी 45 दिनों की लंबी छुट्टी पर चले गए थे और तब से यह मामला पुलिस और प्रशासनिक गलियारों में लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।