हर्षराज गुप्ता, खरगोन। मध्य प्रदेश के खरगोन जिले से ग्रामीण इलाकों में बदहाल सड़कों और लचर स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलती एक बेहद दर्दनाक और शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। भीकनगांव थाना क्षेत्र के ग्राम मांगिया फालिया में प्रसव पीड़ा से तड़प रही एक महिला को ले जाने के लिए बुलाई गई 108 एंबुलेंस कीचड़ से भरी सड़क पर फंस गई। एंबुलेंस न पहुँच पाने के कारण परिजनों को प्रसूता को बैलगाड़ी से अस्पताल ले जाना पड़ा, लेकिन रास्ते में हुई देरी के कारण नवजात शिशु की मां के पेट में ही मौत हो गई।

समय पर इलाज न मिलने से हुई मासूम की मौत 

मिली जानकारी के अनुसार, मांगिया फालिया निवासी शिवानी (पति विक्रम भीलाला) को प्रसव पीड़ा शुरू होने पर परिजनों ने 108 एंबुलेंस को सूचना दी। लेकिन गांव की सड़क कीचड़ और गड्ढों में तब्दील होने के कारण एंबुलेंस रास्ते में ही फंस गई। अस्पताल पहुँचने में हो रही देरी को देख बेबस परिजनों ने महिला को बैलगाड़ी पर लिटाया और खुद ही कीचड़ भरे रास्ते से होकर अस्पताल की ओर रवाना हुए।

अस्पताल से महज 2 किलोमीटर दूर हुआ हादसा 

अत्यंत दुखद पहलू यह है कि महिला का घर और घटना स्थल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से महज 2 किलोमीटर की दूरी पर था। लेकिन महज 2 किमी का यह बदहाल रास्ता तय करने में काफी समय लग गया। जब परिजन महिला को लेकर अस्पताल पहुँचे, तब तक डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि नवजात शिशु की पेट में ही मौत हो चुकी है। महिला की यह तीसरी डिलीवरी थी और फिलहाल उसकी हालत भी गंभीर बनी हुई है।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

घटना के बाद बैलगाड़ी से प्रसूता को ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। परिजनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि अगर सड़क ठीक होती और समय पर उपचार मिल जाता तो नवजात की जान बचाई जा सकती थी। ग्रामीणों का कहना है कि वे सड़क निर्माण और सुधार के लिए ग्राम पंचायत से लेकर जिले के आला अधिकारियों तक कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आज तक सुनवाई नहीं हुई। इस प्रशासनिक अनदेखी ने एक मासूम की जान ले ली।

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