किशनगंज। जिले में अवैध मादक पदार्थों और नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस प्रशासन ने एक कड़ा और कड़ा संदेश देने वाला कदम उठाया है। पुलिस अधीक्षक (SP) संतोष कुमार ने कर्तव्य में घोर लापरवाही और संदिग्ध आचरण के आरोप में गलगलिया थाने के थानाध्यक्ष सह पुलिस अवर निरीक्षक (पु.अ.नि.) राकेश कुमार को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद महकमे में हड़कंप मच गया है।
अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ छापेमारी और लापरवाही
जिले में इन दिनों तस्करों और अपराधियों के खिलाफ सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के सिलसिले में गत 12 सितंबर 2026 को गलगलिया थाना क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध एक छापेमारी अभियान चलाया गया था। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई के दौरान थानाध्यक्ष राकेश कुमार की कार्यशैली में गंभीर लापरवाही, अनुशासनहीनता और संदिग्ध आचरण की शिकायतें वरीय अधिकारियों तक पहुंचीं।
एसडीपीओ की जांच में आरोप सही साबित
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी संतोष कुमार ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO-02) किशनगंज को पूरे प्रकरण की तुरंत और निष्पक्ष जांच करने का निर्देश दिया था। एसडीपीओ-02 द्वारा सौंपी गई प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में थानाध्यक्ष के खिलाफ लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया पूरी तरह सही पाए गए। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि थानाध्यक्ष ने अपने पेशेवर कर्तव्यों के निर्वहन में भारी चूक की है।
जीवन-यापन भत्ता पर निलंबन
जांच रिपोर्ट के आधार पर एसपी ने पु.अ.नि. राकेश कुमार को अनुशासनहीनता, कर्तव्यहीनता, मनमानेपन और वरीय अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने का दोषी मानते हुए सामान्य जीवन-यापन भत्ता पर निलंबित कर दिया है। साथ ही, उनके इस संदिग्ध आचरण को लेकर विभागीय कार्रवाई के विरुद्ध स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी
किशनगंज पुलिस प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अपने कर्तव्यों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की कोताही, अनियमितता या भ्रष्ट आचरण के प्रति विभाग की नीति जीरो टॉलरेंस की है। पुलिस अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में कोई भी पुलिसकर्मी या अधिकारी अनुशासनहीनता में लिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ इसी तरह की सख्त और अनुशासनात्मक कार्रवाई आगे भी जारी रखी जाएगी।



